आचार्य सौरभ सागर जी महाराज
मेरठ। कमला नगर मंदिर में आयोजित पंचकल्याणक वेदी प्रतिष्ठा एवं स्वर्णजयंती समारोह के तीसरे दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ धार्मिक अनुष्ठान हुए। इस अवसर पर मूलनायक भगवान आदिनाथ से भगवान वासुपूज्य तक अर्घ्य समर्पित किए गए। आचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि किसी भी जीव को अपने उपभोग का साधन नहीं बनाना चाहिए।
आचार्य श्री ने भोगभूमि से कर्मभूमि तक मानव समाज की यात्रा में भगवान ऋषभदेव के योगदान का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य का जीवन भोगभूमि से कर्मभूमि में परिवर्तित हुआ, तब तीर्थंकर भगवान आदिनाथ ने आजीविका और व्यवस्थित जीवन के लिए असि, मसि, कृषि, विद्या, वाणिज्य और शिल्पकला का ज्ञान दिया। इससे समाज में कर्म, पुरुषार्थ और जीवनयापन के साधनों की परंपरा शुरू हुई।
सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान का सम्मान
कार्यक्रम में प्रेमचंद सब्जी देवी चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष राकेश जैन और मुकेश जैन ने बागपत लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान का अंगवस्त्र पहनाकर और तिलक लगाकर स्वागत किया। सांसद ने कहा कि वे जैन धर्म के सिद्धांतों से बहुत प्रभावित हैं और इन सिद्धांतों की जानकारी उन्हें आदरणीय बाबू प्रेमचंद जी से मिली।
इस दौरान बल्लू कुमार और प्रदीप कुमार सर्राफ, खतौली वालों ने चित्र का अनावरण किया। शांति धारा करने का सौभाग्य विपिन जैन (सन्मति पेंट), संजीव जैन प्रथम (जैन पेट्रोल पंप) और मनीष जैन (चैन वाले) को मिला।
महाआरती के बाद संगीत प्रस्तुति
सायंकालीन कार्यक्रम में पंकज जैन और सार्थक जैन के परिवार ने महाआरती की। इसके बाद जबलपुर से आईं श्रीमती प्रीति जैन ने अपनी संगीत प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में वीरेंद्र, संजय कलश, विपिन, अभिनव, अजय, आलोक, चिनमय, उत्कर्ष और प्रतीक सहित श्रद्धालु उपस्थित रहे।