चौधरी चरण सिंह युनिवर्सिटी के तिलक पत्रकार हाल में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभागियों को सम्मानित करते मुख्य अतिथि
मेरठ, 17 अक्टूबर। क्या सरकार की ओर से हर नागरिक को निश्चित मासिक आय देने से गरीबी दूर हो सकती है? युवाओं में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं क्यों बढ़ रही हैं? क्या फिल्मों का युवाओं पर हिंसा और अवास्तविक उम्मीदों को बढ़ाने वाला प्रभाव पड़ता है? चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय स्थित तिलक पत्रकारिता स्कूल में शनिवार को आयोजित भाषण प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने इन सवालों सहित कई विषयों पर अपने विचार रखे। यह प्रतियोगिता विभाग के साप्ताहिक कार्यक्रम ‘वीकेंड अभिव्यक्ति’ का हिस्सा थी।

प्रतिभागियों ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन से मिलने वाली सीख पर भी विचार प्रस्तुत किए। छात्रा चंद्रवाहिनी ने हर नागरिक को निश्चित मासिक राशि देने के विषय पर आंकड़ों और तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखा और प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। फिल्मों के युवाओं पर प्रभाव विषय पर तर्कपूर्ण प्रस्तुति देने वाली जिज्ञासा पांडे दूसरे स्थान पर रहीं। डॉ. कलाम के जीवन से सीख विषय पर सरल और प्रभावशाली विचार रखने वाले मुशीर अहमद तीसरे स्थान पर रहे।
क्विज प्रतियोगिता में अभिषेक नागर प्रथम
कार्यक्रम के दौरान आयोजित क्विज प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। इसमें अभिषेक नागर ने पहला, सचिन कुमार ने दूसरा और क्षमा पांडे ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। खदीजा खान ने जीवन से सीख देने वाली एक कहानी प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का संचालन सचिन कुमार ने किया। विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया। आयोजन में लव कुमार सिंह, निधि शर्मा, ज्योति और पीयूष ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।