गन्ना भवन पर पेराई सत्र की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक करते उप गन्ना आयुक्त यशपाल सिंह
मेरठ, 22 अक्टूबर 2026। गन्ना भवन के सभागार में उप गन्ना आयुक्त यशपाल सिंह की अध्यक्षता में परिक्षेत्र स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियों, चीनी मिलों के समय से संचालन, क्रय केंद्रों की स्थापना, सीसीएल स्वीकृति और गन्ना किसानों से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई। पेराई सत्र 2025-26 के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान, टैगिंग आदेश और एस्क्रो खाते के संचालन पर भी चर्चा हुई।
उप गन्ना आयुक्त ने विभागीय अधिकारियों और चीनी मिल प्रबंधन को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और आवंटित क्रय केंद्रों के अनुसार डेटा मैपिंग का काम तेजी से पूरा कराया जाए।
अभिलेखों की त्रुटियां दूर करने पर जोर
बैठक में गलत या त्रुटिपूर्ण आधार संख्या, जीरो गाटा, मोबाइल नंबर और बैंक खाते से जुड़ी गड़बड़ियों के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की गई। उप गन्ना आयुक्त ने अभिलेखों में शुद्धता सुनिश्चित करने और एपीआई के माध्यम से भूमि मिलान का कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए। बीज उठान, सीड ट्रैप एप पर सूचनाएं अपलोड करने और डीबीटी पोर्टल की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
बकाया भुगतान और नए सत्र के क्रय केंद्रों की तैयारी
पेराई सत्र 2025-26 के बकाया गन्ना मूल्य और अंशदान भुगतान की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों और चीनी मिलों को भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया। पेराई सत्र 2026-27 के लिए जिलाधिकारी स्तर से जारी होने वाले टैगिंग आदेश, एस्क्रो खाते के संचालन और सीसीएल स्वीकृति की स्थिति भी देखी गई।
गन्ना एवं चीनी आयुक्त, उत्तर प्रदेश की ओर से आवंटित क्रय केंद्रों की स्थापना, संचालन और स्टैम्पिंग से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की गई। चीनी मिलों को निर्देशित किया गया कि वे आवंटित केंद्रों पर गन्ना खरीद की व्यवस्था समय से पूरी करें और संबंधित किसानों की डेटा मैपिंग तय समय सीमा में कराएं।
क्रय केंद्रों और मिल यार्ड में किसानों के लिए सुविधाएं
चीनी मिल प्रतिनिधियों से कहा गया कि गन्ना क्रय केंद्रों और मिल यार्ड में घटतौली रोकने के लिए निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करें। यार्ड में स्वच्छ पेयजल, किसानों के बैठने की व्यवस्था, छाया, पर्याप्त प्रकाश और साफ-सफाई की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। सड़क सुधार और किसानों के लिए जरूरी अन्य सुविधाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई।
बैठक में फार्म-सी पर अनुबंध, किसानों को जारी होने वाली पर्चियों पर आवश्यक विवरण अंकित कराने तथा तौल लिपिकों के लाइसेंस और पहचान पत्र समय से जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
विभागीय कामकाज और प्रशिक्षण की समीक्षा
प्रशासनिक कार्यों के तहत कार्मिकों के एसीपी प्रकरणों, ई-ऑफिस की प्रगति और आई-गॉट पोर्टल पर निर्धारित प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा कर प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्य दक्षता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण पूरा करने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा गन्ना पर्यवेक्षकवार संशोधन पंजिका, न्यायालयों में लंबित वादों, दुकान और कार्यालय भवनों के आवंटन, किराया नीति, गन्ना समितियों की रिटर्न फाइलिंग और टीडीएस वापसी से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई। गन्ना विकास परिषदों में आयकर कटौती और वापसी, ऑडिट तथा विशेष ऑडिट की आपत्तियों के निस्तारण और विभागीय भवनों की रंगाई-पुताई व निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में जिला गन्ना अधिकारी मेरठ, गाजियाबाद और हापुड़ सहित मेरठ परिक्षेत्र के संबंधित अधिकारी, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, सहकारी गन्ना विकास समितियों के सचिव तथा परिक्षेत्र की चीनी मिलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।