उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद
मेरठ के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को 30 नवंबर तक मिलेगा आवेदन का मौका; पांच मिनट का वीडियो और उत्कृष्ट कार्यों का विवरण करना होगा अपलोड
मेरठ #ANN। शैक्षिक सत्र 2026–27 के लिए मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार और राज्य अध्यापक पुरस्कार के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार, इच्छुक शिक्षक और प्रधानाचार्य 10 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट http://upmsp.edu.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की हार्डकॉपी और उससे जुड़े दस्तावेज संबंधित कार्यालय में 1 दिसंबर 2026 को शाम चार बजे तक जमा कराने होंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक जगदीश प्रसाद शुक्ल की ओर से प्रधानाचार्यों, प्रबंधकों और संबंधित विद्यालयों को जारी पत्र में कहा गया है कि वे अपने यहां कार्यरत पात्र शिक्षकों को पुरस्कारों की आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानकारी दें। आवेदन केवल ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन आवेदन पर विचार नहीं होगा।
आवेदन के साथ पांच मिनट का वीडियो भी जरूरी
आवेदकों को आवेदन-पत्र के साथ अपने सेवा अभिलेखों और उत्कृष्ट कार्यों का विवरण ऑनलाइन अपलोड करना होगा। इसके अतिरिक्त, अपने शैक्षिक और अन्य उल्लेखनीय कार्यों को प्रस्तुत करते हुए पांच मिनट का वीडियो भी आवेदन के साथ अपलोड करना अनिवार्य होगा। आवेदन जमा करने के बाद उसकी डाउनलोड की गई प्रति और सभी संलग्न दस्तावेज निर्धारित समय के भीतर संबंधित कार्यालय में उपलब्ध कराने होंगे।
मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए सेवा की शर्तें
मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए प्रधानाचार्य या प्रधानाध्यापक के पद पर कुल सेवा अवधि 15 वर्ष होनी चाहिए। इस अवधि में प्रधानाचार्य या प्रधानाध्यापक के पद पर कम से कम तीन वर्ष की नियमित सेवा पूरी होना आवश्यक है। शिक्षकों के लिए 10 वर्ष की सेवा अवधि निर्धारित की गई है। सेवा अवधि की गणना आवेदन वर्ष से पहले के शैक्षिक सत्र के अंतिम दिन यानी 31 मार्च के आधार पर की जाएगी।
आवेदन करने वाले शिक्षक की नियुक्ति निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हुई होनी चाहिए। पत्र में चयन के लिए शासनादेश और नियुक्ति नियमों के अनुरूप पात्रता का उल्लेख किया गया है। पुरस्कार के लिए आवेदकों के उत्कृष्ट कार्यों और उनके अभिलेखों का विवरण आवेदन में देना होगा।
राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए पात्रता
राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए प्रधानाचार्य या प्रधानाध्यापक के पद पर कुल 15 वर्ष की सेवा के साथ उस पद पर कम से कम पांच वर्ष की नियमित सेवा पूरी होना आवश्यक है। शिक्षकों के लिए उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा विभाग के नियंत्रणाधीन विद्यालयों में 10 वर्ष की नियमित सेवा अवधि निर्धारित की गई है।
पत्र में केंद्र सरकार अथवा अन्य राज्य सरकारों के अधीन संचालित राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक या अध्यापक के पद पर की गई नियमित सेवा को भी पात्रता के आकलन में मान्य किए जाने का उल्लेख है। हालांकि, पुरस्कार चयन का मूल्यांकन उत्तर प्रदेश में किए गए शिक्षण कार्य के आधार पर होगा। राज्य पुरस्कार के लिए भी सेवा अवधि की गणना संबंधित आवेदन वर्ष से पहले के शैक्षिक सत्र की 31 मार्च तक की जाएगी।
सभी संबंधित विद्यालयों को सूचना देने के निर्देश
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, प्रबंधकों तथा संबंधित अधिकारियों से कहा है कि वे पात्र शिक्षकों को समय रहते आवेदन की जानकारी दें। सूचना माध्यमिक और संस्कृत विद्यालयों के लिए भी जारी की गई है। विद्यालयों से अपेक्षा की गई है कि आवेदन-पत्र, वीडियो और अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर अपलोड कराने तथा डाउनलोड की गई प्रति निर्धारित अंतिम तिथि तक कार्यालय में जमा कराने में आवेदकों को सहयोग दें।
मुख्यमंत्री और राज्य अध्यापक पुरस्कारों के लिए आवेदन की समय-सीमा 30 नवंबर निर्धारित है। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन स्वीकार नहीं होंगे। पात्र शिक्षक और प्रधानाचार्य आवेदन करने से पहले सेवा अवधि, नियुक्ति प्रक्रिया और दस्तावेजों से जुड़ी शर्तों का मिलान कर लें, ताकि आवेदन अधूरा न रहे।