कावड़ यात्रा में बिछड़े बालक को परिजनों को किया सुपुर्द
मेरठ। कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान मेरठ पुलिस की सतर्कता और संवेदनशीलता की एक और मिसाल सामने आई है। थाना दौराला क्षेत्र में सिवाया टोल प्लाजा के पास कांवड़ यात्रा की ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को अपने परिजनों से बिछड़ा हुआ 12 वर्षीय बच्चा मिला। पुलिसकर्मियों ने तत्काल बच्चे को सुरक्षित संरक्षण में लिया और उसकी जानकारी के आधार पर परिजनों की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आपसी समन्वय के चलते बच्चे के परिजनों का पता लगा लिया गया। इसके बाद बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चे के सकुशल मिल जाने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और मेरठ पुलिस का आभार जताया।
सिवाया टोल प्लाजा के पास मिला बच्चा
पुलिस के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को थाना दौराला क्षेत्र के सिवाया टोल प्लाजा के पास पुलिसकर्मी कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था में ड्यूटी पर तैनात थे।
इसी दौरान पुलिसकर्मियों को गाजियाबाद निवासी 12 वर्षीय बालक मिला, जो अपने परिजनों से बिछड़ गया था। भीड़भाड़ और कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की लगातार आवाजाही के बीच बच्चे के अकेले होने की जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मियों ने उसे तत्काल सुरक्षित संरक्षण में ले लिया।
बच्चे से बातचीत कर जुटाई जानकारी
पुलिसकर्मियों ने बच्चे को घबराने नहीं दिया और उससे बातचीत कर उसके घर तथा परिजनों से संबंधित जानकारी जुटाने का प्रयास किया।
बच्चे से प्राप्त जानकारी के आधार पर कांवड़ यात्रा में अलग-अलग स्थानों पर तैनात पुलिस बल को सूचना दी गई। पुलिस ने आपसी समन्वय के माध्यम से बच्चे के परिजनों की तलाश शुरू की।
कांवड़ यात्रा के दौरान भारी भीड़ और श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच बच्चे को उसके परिवार से मिलाना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीम ने बिना देरी किए प्रयास जारी रखे।
पुलिस के प्रयास से परिजनों तक पहुंचा बालक
पुलिस टीम द्वारा किए गए त्वरित प्रयासों के बाद बच्चे के परिजनों का पता लगा लिया गया। इसके बाद बच्चे को अस्थायी पुलिस चौकी सिवाया टोल प्लाजा पर लाया गया।
यहां उपनिरीक्षक प्रियंका चौधरी और महिला कांस्टेबल गुनगुन ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए बालक को उसके परिजनों के सकुशल सुपुर्द कर दिया।
अपने बच्चे को सुरक्षित देखकर परिजनों की चिंता दूर हुई और उन्होंने मेरठ पुलिस की तत्परता एवं सहायता के लिए आभार व्यक्त किया।
कांवड़ यात्रा में पुलिस की सहायता व्यवस्था
कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान मेरठ पुलिस की ओर से सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सहायता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ विभिन्न स्थानों पर सहायता और सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी श्रद्धालु के परिजनों से बिछड़ने या किसी अन्य आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
सिवाया टोल प्लाजा के पास सामने आया यह मामला इसी सतर्कता का उदाहरण है, जहां पुलिसकर्मियों ने अकेले मिले बच्चे को सुरक्षित संरक्षण में लेकर उसकी पहचान और परिजनों की तलाश शुरू की और उसे सकुशल परिवार तक पहुंचाया।
बच्चे को परिजनों से मिलाने वाली पुलिस टीम
बच्चे को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाने में थाना दौराला पुलिस की टीम की भूमिका रही।
पुलिस टीम में शामिल रहे—
- उपनिरीक्षक प्रियंका चौधरी, थाना दौराला, मेरठ
- महिला कांस्टेबल गुनगुन, थाना दौराला, मेरठ
पुलिस की तत्परता से परिवार को मिली राहत
कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेरठ और आसपास के क्षेत्रों से होकर गुजर रहे हैं। ऐसे में भीड़ के बीच बच्चों का परिजनों से बिछड़ जाना एक गंभीर स्थिति बन सकता है।
इस मामले में पुलिस ने बच्चे को अकेला देखकर तत्काल उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की और जानकारी जुटाकर परिजनों तक पहुंचने का प्रयास किया। समय पर हुई कार्रवाई से बच्चा सुरक्षित अपने परिवार तक पहुंच गया।
कांवड़ यात्रा में सुरक्षा के साथ सेवा भी
मेरठ पुलिस की ओर से कांवड़ यात्रा के दौरान जहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है, वहीं श्रद्धालुओं की सहायता के लिए भी पुलिसकर्मी मुस्तैद हैं। 12 वर्षीय बालक को सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाना पुलिस की इसी सेवा और संवेदनशीलता को दर्शाता है।