विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के निदेशक शोध प्रो. बीर पाल सिंह सहित आठ वैज्ञानिक
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू), मेरठ ने शोध एवं अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2026 के लिए जारी विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में विश्वविद्यालय के आठ वैज्ञानिकों ने स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय में हो रहे शोध कार्यों की गुणवत्ता और उनके अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को दर्शाती है। विशेष बात यह है कि वर्ष 2025 में इस प्रतिष्ठित सूची में सीसीएसयू के केवल तीन वैज्ञानिक शामिल थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर आठ हो गई है।
विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए चयनित वैज्ञानिकों को बधाई दी है। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।
इन आठ वैज्ञानिकों को मिली विश्व स्तर पर पहचान
विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के प्रो. पुष्पेंद्र कुमार गुप्ता, प्रो. सुरेश वीर सिंह राणा, निदेशक शोध प्रो. बीर पाल सिंह, डॉ. सरू कुमारी, डॉ. विकास कुमार सिंह, डॉ. योगेंद्र कुमार गौतम, डॉ. वैशाली एम. पाटिल और डॉ. ज्योति सी. चौधरी को स्थान मिला है।
इन वैज्ञानिकों के शोध कार्य पादप जीव विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान, नेटवर्किंग एवं दूरसंचार, विषविज्ञान, अनुप्रयुक्त भौतिकी, औषधीय एवं जैव-अणुक रसायन तथा रसायन विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित हैं।

Scopus के शोध आंकड़ों के आधार पर होता है मूल्यांकन
विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची शोध प्रकाशनों और उनके उद्धरण संबंधी Scopus आंकड़ों के आधार पर तैयार की जाती है। वैज्ञानिकों के शोध प्रभाव का आकलन कुल उद्धरण, एच-इंडेक्स, एचएम-इंडेक्स और कंपोजिट इंडिकेटर अर्थात सी-स्कोर जैसे मानकों के आधार पर किया जाता है।
इस सूची में स्थान पाने के लिए वैज्ञानिक का सी-स्कोर के आधार पर विश्व के शीर्ष एक लाख वैज्ञानिकों में शामिल होना अथवा अपने संबंधित शोध उपक्षेत्र में शीर्ष दो प्रतिशत में स्थान प्राप्त करना आवश्यक होता है।

वर्ष 2026 का संस्करण एक अगस्त 2026 के Scopus डेटा स्नैपशॉट पर आधारित है। इसमें करियर के दौरान शोध प्रभाव के आंकड़े वर्ष 2025 के अंत तक तथा एकल वर्ष के शोध प्रभाव के आंकड़े कैलेंडर वर्ष 2025 में प्राप्त उद्धरणों के आधार पर निर्धारित किए गए हैं।
विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय : कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने सभी चयनित वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि आठ वैज्ञानिकों का विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल होना पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है।

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि शिक्षकों और शोधार्थियों की मेहनत, शोध के प्रति समर्पण तथा अकादमिक उत्कृष्टता का परिणाम है। कुलपति ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों से इस सफलता से प्रेरणा लेकर गुणवत्तापूर्ण शोध एवं नवाचार को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
वैश्विक अकादमिक पहचान को मिलेगी मजबूती : प्रो. मृदुल कुमार गुप्ता
विश्वविद्यालय के निदेशक रैंकिंग प्रो. मृदुल कुमार गुप्ता ने भी चयनित वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में शीर्ष वैज्ञानिकों की संख्या तीन से बढ़कर आठ होना विश्वविद्यालय के शोध की गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव में हो रही प्रगति का संकेत है।

उन्होंने कहा कि ऐसी उपलब्धियां विश्वविद्यालय की वैश्विक अकादमिक पहचान को मजबूत करती हैं। साथ ही उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी शोध एवं नवाचार के माध्यम से नई उपलब्धियां हासिल करेंगे।
सीसीएसयू के आठ वैज्ञानिकों को मिली यह अंतरराष्ट्रीय पहचान विश्वविद्यालय के शोध वातावरण और अकादमिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है