पुलिस ने मूक एवं बधिर बालक को ढूंढा
मेरठ। कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के साथ-साथ मेरठ पुलिस द्वारा बिछड़े एवं जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में थाना परतापुर पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए मेरठ साउथ स्टेशन के पास मिले करीब 8 वर्षीय मूक-बधिर बालक को सकुशल उसके परिजनों से मिलवा दिया।
पुलिस के अनुसार, 10 अगस्त 2026 की रात्रि करीब 12:30 बजे कांवड़ यात्रा मार्ग पर दिल्ली रोड स्थित मेरठ साउथ स्टेशन के पास पुलिस को करीब 8 वर्षीय एक बालक लावारिस अवस्था में मिला। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि बालक बोल और सुन नहीं पा रहा था, जिसके कारण उससे सामान्य बातचीत के माध्यम से उसके घर और परिजनों के बारे में जानकारी प्राप्त करना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था।
बालक ने भगवा रंग की टी-शर्ट और हाफ निकर पहन रखी थी। रात के समय कांवड़ यात्रा मार्ग पर बालक के अकेले मिलने से पुलिस ने तत्काल उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसे अपने संरक्षण में लिया।
खोया-पाया केंद्र में सुरक्षित रखा गया
थाना परतापुर पुलिस ने बालक को सुरक्षा की दृष्टि से खोया-पाया केंद्र, चौकी घाट, थाना परतापुर पर बैठाया। इसके बाद पुलिस टीम ने बालक के परिजनों की तलाश शुरू की। बालक के मूक-बधिर होने के कारण उसकी पहचान और परिवार तक पहुंचने के लिए पुलिस को विशेष प्रयास करने पड़े।
पुलिस टीम द्वारा लगातार आसपास के क्षेत्र में जानकारी जुटाई गई और संभावित परिजनों की तलाश के लिए आवश्यक प्रयास किए गए। पुलिस की सक्रियता और लगातार किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप आखिरकार बालक के परिजनों के संबंध में जानकारी प्राप्त हो गई।
सत्यापन के बाद परिजनों को सौंपा बालक
परिजनों की जानकारी मिलने के बाद पुलिस द्वारा उन्हें सूचित किया गया। इसके पश्चात आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई और पहचान की पुष्टि होने के बाद बालक को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
काफी देर से अपने बच्चे की तलाश कर रहे परिजनों ने बालक को सुरक्षित देखकर राहत की सांस ली। बालक को सकुशल पाकर परिजनों ने थाना परतापुर पुलिस एवं मेरठ पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता के लिए आभार व्यक्त किया।
कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस की मानवीय पहल
कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ पुलिस द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ बिछड़े हुए लोगों को उनके परिवारों से मिलाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि ड्यूटी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के साथ मानवीय संवेदनशीलता भी पुलिस की प्राथमिकता है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मेरठ के निर्देशन में कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल, सुरक्षित एवं सुगम रूप से संपन्न कराने के लिए पुलिस बल लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में थाना परतापुर पुलिस की तत्परता से एक मूक-बधिर बालक को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सका।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से एक परिवार को उसका बच्चा वापस मिला और कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस की मानवीय भूमिका भी सामने आई।