स्वच्छता अभियान की कार्यशाला में छात्रों टिप्स देते आयोजक
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में सोमवार को स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत स्वच्छता एवं हरित परिसर निर्माण कार्यक्र जीम का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के निर्देशन में किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक उत्तरदायित्व और सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ सभी प्रतिभागियों द्वारा स्वच्छता का संकल्प लेने के साथ हुआ। इसके बाद विभाग के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने श्रमदान करते हुए विभाग परिसर एवं आसपास के क्षेत्र की व्यापक सफाई की। परिसर में फैले कूड़े-कचरे को हटाया गया तथा प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण किया गया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ श्रमदान कर यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक और सामाजिक दायित्व है।
कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक प्रो. संजीव कुमार शर्मा एवं कला संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. अतवीर सिंह रहे। अपने संबोधन में प्रो. अतवीर सिंह ने भारतीय सांस्कृतिक परंपरा और महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य एवं सह विभागाध्यक्ष डॉ. मुनेश कुमार ने “स्वच्छता, सुशासन और नागरिक उत्तरदायित्व: एक राजनीतिक परिप्रेक्ष्य” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने भारतीय संविधान में नागरिकों के मूल कर्तव्यों, पर्यावरण संरक्षण की संवैधानिक अवधारणा, स्वच्छ भारत मिशन के प्रशासनिक एवं नीतिगत पहलुओं तथा संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य-6 (स्वच्छ जल एवं स्वच्छता) की वर्तमान प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और सुशासन एक-दूसरे के पूरक हैं तथा नागरिक सहभागिता के बिना किसी भी अभियान को सफल नहीं बनाया जा सकता।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और प्रेरणादायक हिस्सा विभाग में “ग्रीन कॉर्नर” का निर्माण रहा। विद्यार्थियों ने सामूहिक प्रयास से विभाग परिसर के एक स्थान को हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल स्वरूप प्रदान किया। यहां विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए तथा उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी विद्यार्थियों ने स्वयं लेने का संकल्प लिया। ग्रीन कॉर्नर में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता से जुड़े प्रेरक संदेश भी प्रदर्शित किए गए। इस पहल का उद्देश्य विभाग को सुंदर और हरित बनाने के साथ-साथ विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है।
राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सुषमा रामपाल ने अपने संबोधन में कहा कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि एक सशक्त सामाजिक आंदोलन है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, कार्यस्थल और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प ले, तो पूरा समाज स्वस्थ और सुंदर बन सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे संस्कार विकसित करना भी है जो समाज को सकारात्मक दिशा दें। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए ग्रीन कॉर्नर की सराहना करते हुए इसे विभाग की पर्यावरणीय पहचान को मजबूत करने वाली पहल बताया।
कार्यक्रम के दौरान विभाग के शिक्षकों ने भी स्वच्छता के सामाजिक, पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी महत्व पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता को अपनाने तथा समाज में जन-जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विभाग के शिक्षक डॉ. जयवीर सिंह, डॉ. सुषमा रामपाल, डॉ. देवेंद्र एवं डॉ. चंचल सहित शोधार्थियों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा स्वच्छ, हरित एवं सुंदर परिसर के निर्माण तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर योगदान देने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।