पोलैंड में आयुर्वेद और योग को लेकर अहम बैठक में एम ओ यू की प्रबल संभावना
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू), मेरठ भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में लगातार नए प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के नेतृत्व में पोलैंड दौरे पर गए विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल ने वारसॉ में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और शैक्षणिक सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में दोनों पक्षों के बीच भविष्य में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने तथा संयुक्त शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई।
भारतीय दूतावास, वारसॉ के सहयोग से आयोजित इस बैठक में भारत की राजदूत सुश्री नीता भूषण तथा श्री संदीप कुमार की अनुशंसा पर पोलिश मॉडर्न आयुर्वेद फाउंडेशन की अध्यक्ष मोनिका कारोलेचुक एवं अंतरराष्ट्रीय एवं शैक्षणिक सहयोग समन्वयक जोलांटा रिबार्चिक ने भाग लिया। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के साथ शोध निदेशक प्रो. बीरपाल सिंह तथा प्रो. जितेंद्र कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि योग और आयुर्वेद भारत की हजारों वर्ष पुरानी ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें आज पूरी दुनिया स्वीकार कर रही है। उन्होंने कहा कि मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के निकट होने के साथ-साथ हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे विश्व प्रसिद्ध योग एवं आयुर्वेद केंद्रों के समीप स्थित है, जिससे विश्वविद्यालय का इन विधाओं से स्वाभाविक और मजबूत जुड़ाव है।
उन्होंने विश्वविद्यालय में संचालित योग विभाग की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि यहां विद्यार्थियों को योग शिक्षा प्रदान करने के साथ नियमित निःशुल्क योगशाला का संचालन किया जाता है। इसके अलावा योग, प्राकृतिक चिकित्सा और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं। विश्वविद्यालय शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है।
बैठक में दोनों संस्थाओं के बीच शैक्षणिक आदान-प्रदान, संयुक्त शोध परियोजनाएं, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के एक्सचेंज प्रोग्राम, आयुर्वेद और योग पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा अन्य अकादमिक गतिविधियों को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। प्रतिनिधिमंडल ने पोलिश मॉडर्न आयुर्वेद फाउंडेशन के साथ दीर्घकालिक संस्थागत सहयोग स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की, जिस पर फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भी सकारात्मक सहमति जताई।
कुलपति ने कहा कि यदि यह सहयोग औपचारिक रूप लेता है तो इससे भारतीय ज्ञान परंपरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। साथ ही विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को वैश्विक स्तर पर अध्ययन, शोध और अनुभव साझा करने के नए अवसर प्राप्त होंगे।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि पोलैंड के श्चेचिन (Szczecin) स्थित पोलिश मॉडर्न आयुर्वेद फाउंडेशन आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और समग्र स्वास्थ्य प्रणाली के प्रचार-प्रसार के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। फाउंडेशन ने Collegium Balticum – Academy of Applied Sciences के साथ शैक्षणिक साझेदारी स्थापित कर आयुर्वेद आधारित उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए हैं।
इसी अनुभव को आधार बनाते हुए चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और पोलिश मॉडर्न आयुर्वेद फाउंडेशन के बीच भविष्य में एमओयू के माध्यम से योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, संयुक्त शोध, छात्र एवं शिक्षक आदान-प्रदान और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर सकारात्मक सहमति बनी। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह पहल भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान दिलाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और शोध सहयोग के नए द्वार भी खोलेगी।