भविष्य की कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा करती चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ संगीता राहुल शुक्ला
मेरठ/वारसॉ (पोलैंड)। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू), मेरठ की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान लगातार मजबूत होती जा रही है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय का पोलैंड दौरा एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ संपन्न हुआ। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के नेतृत्व में सीसीएसयू के प्रतिनिधिमंडल ने पोलैंड के प्रतिष्ठित University of Warsaw के Faculty of Political Science and International Studies का दौरा किया, जहां दोनों विश्वविद्यालयों के बीच उच्च शिक्षा, अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में विश्वविख्यात शिक्षाविद् प्रो. डॉ. जैकब ज़ायोंचकोव्स्की ने सीसीएसयू की शैक्षणिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी ऑफ वारसॉ जल्द ही अपना प्रतिनिधिमंडल भारत भेजेगी। यह प्रतिनिधिमंडल चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों और विभागों का विस्तृत अध्ययन कर उन क्षेत्रों की पहचान करेगा, जहां संयुक्त शोध, फैकल्टी एक्सचेंज, छात्र आदान-प्रदान, ड्यूल सुपरविजन और अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं पर मिलकर कार्य किया जा सके।
सीसीएसयू की उपलब्धियों का दिया विस्तृत प्रस्तुतीकरण
बैठक के दौरान सीसीएसयू के शोध निदेशक प्रो. बीरपाल सिंह ने विश्वविद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय को प्राप्त NAAC A++ ग्रेड, NIRF रैंकिंग, QS रैंकिंग, Times Higher Education (THE) रैंकिंग, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, अनुसंधान गतिविधियों, नवाचार तथा नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी साझा की।
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने विश्वविद्यालय के वैश्विक दृष्टिकोण, शोध संस्कृति और भविष्य की अंतरराष्ट्रीय साझेदारी की योजनाओं से पोलैंड के प्रतिनिधियों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सीसीएसयू विद्यार्थियों और शोधार्थियों को विश्वस्तरीय अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है।
25 से अधिक विभागों के बीच होगा शैक्षणिक सहयोग
बैठक में प्रो. जैकब ज़ायोंचकोव्स्की ने बताया कि यूनिवर्सिटी ऑफ वारसॉ के अंतर्गत 25 से अधिक विभाग और शोध इकाइयाँ संचालित हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इन विभागों को सीसीएसयू के संबंधित विभागों से जोड़ा जाए, ताकि दोनों विश्वविद्यालयों के बीच दीर्घकालिक अकादमिक साझेदारी विकसित की जा सके।
इस दौरान संयुक्त शोध परियोजनाओं, ड्यूल सुपरविजन, फैकल्टी एक्सचेंज, छात्र गतिशीलता (स्टूडेंट मोबिलिटी), संयुक्त प्रकाशन, अंतरराष्ट्रीय सेमिनार तथा यूरोपीय संघ के Erasmus+ जैसे कार्यक्रमों में साझेदारी बढ़ाने पर भी सहमति बनी। दोनों विश्वविद्यालयों का मानना है कि इस सहयोग से शोधार्थियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर नए अवसर प्राप्त होंगे।
विश्व के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में शामिल है यूनिवर्सिटी ऑफ वारसॉ
वर्ष 1816 में स्थापित यूनिवर्सिटी ऑफ वारसॉ मध्य एवं पूर्वी यूरोप के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में गिनी जाती है। सामाजिक विज्ञान, राजनीति विज्ञान, अंतरराष्ट्रीय अध्ययन, कानून और मानविकी के क्षेत्र में इसकी विशेष पहचान है। यह विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में लगातार विश्व के अग्रणी संस्थानों में स्थान प्राप्त करता रहा है।
भारत के कई प्रतिष्ठित संस्थानों, जैसे Jawaharlal Nehru University, Pondicherry University तथा BITS Pilani के साथ भी यूनिवर्सिटी ऑफ वारसॉ के पहले से शैक्षणिक सहयोग और समझौते (MoU) हैं। ऐसे प्रतिष्ठित वैश्विक संस्थान के साथ सीसीएसयू का सहयोग विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय साख को और मजबूत करेगा।
विद्यार्थियों और शोधार्थियों को मिलेगा वैश्विक मंच
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य अपने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। पोलैंड की यह यात्रा केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत है। आने वाले समय में इससे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को विश्वस्तरीय शोध, प्रशिक्षण और अकादमिक अवसर प्राप्त होंगे।
बैठक में सीसीएसयू के शोध निदेशक प्रो. बीरपाल सिंह, प्रो. जितेंद्र सिंह तथा यूनिवर्सिटी ऑफ वारसॉ के वरिष्ठ शिक्षकों और अधिकारियों ने भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। दोनों संस्थानों ने शैक्षणिक सहयोग को शीघ्र औपचारिक रूप देने और विभिन्न विभागों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने पर सहमति व्यक्त की।