परीक्षितगढ़ स्थित स्कूल में छात्र छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण की जानकारी दी गई
मेरठ। वन महोत्सव-2026 के अंतर्गत सामाजिक वानिकी प्रभाग, मेरठ द्वारा सोमवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026: एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक से अधिक पौधारोपण के साथ-साथ नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा। इस दौरान छात्रों को पौधों का वितरण किया गया, चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश रोचक और प्रेरक तरीके से दिया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत के.के. पब्लिक स्कूल, उच्च प्राथमिक विद्यालय मेहरमाती मीणा, द पिनेकल स्कूल शाहजहांपुर, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय सरधना तथा कम्पोजिट विद्यालय कायस्थ गवाड़ी में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन विद्यालयों में प्रसिद्ध जादूगर वी. सम्राट ने जादू के माध्यम से विद्यार्थियों और ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और प्रकृति संवर्धन का संदेश दिया। बच्चों और अभिभावकों ने इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी खुशबू उपाध्याय ने विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को पौधों का वितरण किया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पेड़ लगाने से पर्यावरण शुद्ध होता है, मानव स्वास्थ्य बेहतर रहता है और भविष्य में परिपक्व वृक्ष आर्थिक रूप से भी लाभदायक साबित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि यदि गांवों में बड़े स्तर पर वृक्ष लगाए जाएं तो भविष्य में उनसे प्राप्त होने वाली आय का उपयोग स्थानीय विकास कार्यों और सामुदायिक आवश्यकताओं की पूर्ति में भी किया जा सकता है।
वन महोत्सव के अवसर पर विद्यालयों में चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण विषय पर विद्यार्थियों ने आकर्षक चित्र बनाए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इसी क्रम में सेंट फ्रांसिस वर्ल्ड स्कूल, मेरठ में भी विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सामाजिक वानिकी प्रभाग की प्रभागीय निदेशक वंदना ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को पौध वितरित किए और पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी को सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गंगा क्लब का गठन भी किया गया। क्लब के सदस्यों को वृक्षारोपण, पौधों की देखभाल और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पर्यावरण से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका प्रभागीय निदेशक ने विस्तार से उत्तर दिया और उन्हें प्रकृति संरक्षण के महत्व से अवगत कराया।
प्रभागीय निदेशक वंदना ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने परिवार के प्रत्येक सदस्य को कम से कम एक-एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि लगाए गए पौधों की हर छह महीने में प्रगति रिपोर्ट विद्यालय को उपलब्ध कराई जाए, ताकि पौधारोपण अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहे, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने विद्यालय परिसर में विकसित औषधीय पौधों के उद्यान का निरीक्षण किया और वहां लगाए गए मेडिसिनल प्लांट्स की सराहना की। उन्होंने कहा कि औषधीय पौधों का संरक्षण आज की आवश्यकता है और विद्यालयों में ऐसे उद्यान बच्चों को प्रकृति और आयुर्वेद से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।
प्रभागीय निदेशक ने बताया कि हालिया सर्वेक्षण के अनुसार मेरठ जिले का ग्रीन कवर 2.06 प्रतिशत से बढ़कर 3.06 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने इसे जनसामान्य की पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता और वृक्षारोपण अभियानों का सकारात्मक परिणाम बताया। उन्होंने लोगों से विशेष रूप से फलदार प्रजातियों के पौधे अधिक संख्या में लगाने की अपील की, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पोषण और आर्थिक लाभ भी प्राप्त हो सके।
सामाजिक वानिकी प्रभाग, मेरठ ने वन महोत्सव-2026 के तहत आने वाले दिनों में भी जिलेभर में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही है, ताकि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।