सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में छात्र सांसद कार्यक्रम के दौरान अपनी प्रस्तुति देती छात्रा
मेरठ। लोकतांत्रिक मूल्यों को व्यवहारिक रूप से विद्यार्थियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शास्त्री नगर स्थित बालेराम बृजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में छात्र संसद एवं कन्या भारती के गठन के लिए चुनाव प्रक्रिया उत्साह, अनुशासन और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई गई। इस बार चुनाव की सबसे खास बात यह रही कि परंपरागत बैलेट पेपर के स्थान पर ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) का प्रयोग किया गया, जिससे विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का आधुनिक स्वरूप भी समझने का अवसर मिला।
विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक सोच, नेतृत्व क्षमता, उत्तरदायित्व की भावना और सामाजिक सहभागिता का विकास करना है। इसी उद्देश्य के तहत प्रत्येक वर्ष छात्र संसद और कन्या भारती का गठन चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है।
हर कक्षा से चुने गए सांसद, फिर हुआ प्रधानमंत्री पद का चुनाव
चुनाव प्रक्रिया के पहले चरण में विद्यालय की प्रत्येक कक्षा से दो-दो विद्यार्थियों का चयन सांसद के रूप में किया गया। इसके बाद इन सभी सांसदों को मिलाकर छात्र संसद का गठन किया गया।
प्रधानमंत्री पद के लिए तीन विद्यार्थियों ने नामांकन दाखिल किया। नामांकन के बाद सभी प्रत्याशियों ने विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं में जाकर चुनाव प्रचार किया। उन्होंने अपने विचार विद्यार्थियों के सामने रखे तथा छात्र हित में किए जाने वाले कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए समर्थन मांगा।
प्रचार समाप्त होने के बाद विद्यालय की प्रार्थना सभा में सांसदों द्वारा गोपनीय मतदान कराया गया। मतदान पूरी तरह निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हुआ तथा पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एग्जिट पोल की प्रक्रिया भी अपनाई गई।
अर्जुन भोला बने छात्र संसद के प्रधानमंत्री
मतदान समाप्त होने के बाद ईवीएम के माध्यम से मतगणना की गई। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रभात कुमार गुप्ता ने परिणाम घोषित करते हुए अर्जुन भोला को छात्र संसद का नया प्रधानमंत्री घोषित किया।
प्रधानमंत्री निर्वाचित होने के बाद अर्जुन भोला ने कहा कि यह उनके लिए गर्व के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वह विद्यार्थियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे तथा छात्र समस्याओं के समाधान, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और शैक्षणिक विकास को प्राथमिकता देंगे।
श्रद्धा भारद्वाज बनीं कन्या भारती की अध्यक्ष
इसी प्रकार छात्राओं के संगठन कन्या भारती के गठन के लिए भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाई गई। सभी निर्वाचित छात्रा सांसदों के मतदान के आधार पर श्रद्धा भारद्वाज को कन्या भारती का अध्यक्ष चुना गया।
अध्यक्ष बनने के बाद श्रद्धा भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि वह विद्यालय की छात्राओं के हितों, उनकी सुरक्षा तथा सर्वांगीण विकास के लिए सदैव कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि सभी छात्राएं मिलकर विद्यालय को अनुशासन, संस्कार और उत्कृष्टता का आदर्श केंद्र बनाने का प्रयास करेंगी।
लोकतंत्र की व्यवहारिक शिक्षा का माध्यम बना चुनाव
विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रभात कुमार गुप्ता ने कहा कि छात्र संसद का चुनाव विद्यार्थियों को लोकतंत्र की व्यवहारिक शिक्षा देने का प्रभावी माध्यम है। इससे उनमें नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता, जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान विकसित होता है, जो उन्हें भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करेगा।
उन्होंने नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री अर्जुन भोला और कन्या भारती की अध्यक्ष श्रद्धा भारद्वाज को बधाई देते हुए उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।
शिक्षकों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम में विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार शर्मा, छात्र संसद प्रभारी पूजा शर्मा, कन्या भारती प्रभारी डॉ. पायल गर्ग सहित विद्यालय के सभी शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ आचार्य सुरेंद्र कुमार शर्मा ने किया।
चुनाव आयोग की भूमिका निभाने वाले शिक्षकों अंजलि अग्रवाल, अनिरुद्ध शर्मा, रुद्राणी शर्मा, शगुन शर्मा, राजकुमार त्यागी और शुभम त्यागी ने निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यालय प्रशासन ने सभी सहयोगी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि छात्र संसद और कन्या भारती जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों में राष्ट्रीयता, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और लोकतांत्रिक सोच विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। विद्यालय का मानना है कि आज का विद्यार्थी ही कल का राष्ट्र निर्माता है और इस प्रकार के चुनावी अभ्यास भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।