अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के कार्यकर्ता
मेरठ। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, उत्तर प्रदेश (पंजीकृत) ने लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी मेरठ के माध्यम से एक मांग-पत्र सौंपा। संगठन ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी, घरेलू एवं वाणिज्यिक एलपीजी गैस पर राहत और उत्तर प्रदेश में बिजली के बिलों पर लगाए गए 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार को तत्काल समाप्त करने की मांग की है।
संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि लगातार बढ़ रही महंगाई का सीधा असर व्यापार, उद्योग और आम जनता की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है। ईंधन और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से परिवहन लागत में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसके कारण आवश्यक वस्तुओं, खाद्य सामग्री और दैनिक उपयोग की चीजों के दाम भी बढ़ते जा रहे हैं। इसका सबसे अधिक प्रभाव मध्यम वर्ग, निम्न आय वर्ग, छोटे व्यापारियों, लघु उद्योगों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि बढ़ती लागत के कारण व्यापारियों के सामने व्यवसाय चलाना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। होटल व्यवसाय, रेस्टोरेंट, ढाबे और छोटे उद्योग वाणिज्यिक एलपीजी गैस सिलेंडरों की ऊंची कीमतों से प्रभावित हैं। वहीं बिजली के बिलों में लगाए गए 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों का आर्थिक बोझ और बढ़ा दिया है।
संगठन की प्रमुख मांगें
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने अपने मांग-पत्र में सरकार से निम्नलिखित मांगें रखीं—
पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में तत्काल कमी की जाए।
घरेलू एलपीजी गैस पर पर्याप्त सब्सिडी बहाल कर आम उपभोक्ताओं को राहत दी जाए।
वाणिज्यिक (कमर्शियल) एलपीजी गैस सिलेंडरों के दाम कम किए जाएं ताकि छोटे व्यापारी, होटल व्यवसायी और लघु उद्योगों को राहत मिल सके।
उत्तर प्रदेश में बिजली के बिलों पर लगाए गए 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए।
परिवहन लागत कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, जिससे सब्जियों, राशन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण किया जा सके।
व्यापार और रोजगार पर पड़ रहा असर
संगठन का कहना है कि यदि समय रहते महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो इसका प्रतिकूल असर व्यापार, रोजगार और आम जनजीवन पर और अधिक पड़ेगा। बढ़ती लागत के कारण छोटे व्यापारियों और लघु उद्योगों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है, जिससे बाजार की गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि इस जनहित के महत्वपूर्ण विषय का संज्ञान लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार को आवश्यक और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए जाएं, ताकि बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण हो सके और व्यापार जगत के साथ-साथ आम जनता को भी राहत मिल स