वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 के कार्यक्रम के दौरान अपनी प्रस्तुति देती छात्राएं
मेरठ। पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार तथा श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय (वीजीआई), मेरठ एवं विम्स मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान मेंवेंकटेश्वरा विश्वविद्यालयका भव्य शुभारंभ राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय परिसर में किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत वृहद वृक्षारोपण अभियान, पर्यावरण जागरूकता रैली, पर्यावरण संरक्षण शपथ समारोह तथा “प्लास्टिक प्रदूषण हटाओ-पर्यावरण बचाओ” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विश्वविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर हरित वातावरण का निर्माण करना तथा लोगों को प्लास्टिक मुक्त समाज के प्रति जागरूक करना रहा।
जन्मदिन और शादी की सालगिरह पर पौधे लगाने की अपील
वेंकटेश्वरा समूह के संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरी ने कहा कि आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता प्रकृति का संरक्षण है। उन्होंने सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, नामकरण, गृह प्रवेश तथा अन्य सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों पर पौधे लगाना और पौधे उपहार स्वरूप भेंट करना एक नई परंपरा बनानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक परिवार अपने हर शुभ अवसर पर कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो देश को हरित बनाने का सपना शीघ्र साकार हो सकता है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई।
उत्तर प्रदेश बनेगा विकसित भारत-2047 का हरित नेतृत्वकर्ता
मुख्य अतिथि एवं उत्तर प्रदेश शासन के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तथा आवास आयुक्त बलकार सिंह ने कहा कि विकसित भारत-2047 के निर्माण में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाया जा रहा वृक्षारोपण अभियान विश्व का सबसे बड़ा हरित अभियान बन चुका है। एक ही दिन में करोड़ों पौधे लगाने का अभियान पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा है।
उन्होंने कहा कि वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय केवल शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि मेरठ एवं मुरादाबाद मंडल में विश्वविद्यालय और वन विभाग के सहयोग से अब तक लगभग 10 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं तथा यह अभियान पूरे जुलाई माह जारी रहेगा।
ग्लोबल वार्मिंग से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है वृक्षारोपण
विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति एवं अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता डॉ. राजीव त्यागी ने “प्लास्टिक प्रदूषण हटाओ-पर्यावरण बचाओ” विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि बढ़ती हुई ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण असंतुलन का सबसे प्रभावी समाधान व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली के कारण लोग प्रकृति से लगातार दूर होते जा रहे हैं, जिसका दुष्परिणाम पूरी दुनिया भुगत रही है। यदि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देना है तो प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने प्लास्टिक के प्रयोग को न्यूनतम करने तथा दैनिक जीवन में पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने का भी आह्वान किया।
पूरा जुलाई माह चलेगा वृक्षारोपण अभियान
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कृष्णकांत दवे ने कहा कि वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय का प्रत्येक विभाग जुलाई माह के दौरान निरंतर वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी कार्यक्रम आयोजित करेगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे पर्यावरण संरक्षण के सच्चे प्रहरी बन सकें।
रैली निकालकर दिया पर्यावरण बचाने का संदेश
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में विशाल पर्यावरण जागरूकता रैली निकाली गई। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने हाथों में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेशों वाले पोस्टर लेकर लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने, प्लास्टिक का प्रयोग बंद करने तथा स्वच्छ एवं हरित भारत के निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।
इसके साथ ही सभी उपस्थित लोगों ने “पर्यावरण संरक्षण शपथ” लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी देखभाल करने तथा अपने आसपास स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया।
वृक्षारोपण कर हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय के अब्दुल कलाम सभागार में संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरी, प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्णकांत दवे, डॉ. मधु चतुर्वेदी सहित अन्य अतिथियों द्वारा पौधरोपण कर किया गया।
ये रहे प्रमुख अतिथि
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अश्वनी मिश्र, एडीएम गरिमा सिंह, एसडीएम चन्द्रकान्ता, डीएफओ राजीव सिंह, वित्त निदेशक युवराज सिंह, कुलसचिव डॉ. पीयूष कुमार पाण्डेय, डॉ. एस.आर. मालू, डॉ. विष्णु शर्मा, डॉ. बी.एस. त्यागी, डॉ. आशिया वाहिद, डॉ. ज्योति सिंह, डॉ. चन्द्रकान्त, एस.एस. बघेल, डॉ. माताप्रसाद, डॉ. ब्रजकिशोर, डॉ. विनय कुमार सिंह, डॉ. शेषनाथ मिश्रा, कौशल कुमार, डॉ. वरुण त्रिपाठी, डॉ. अभिषेक सिंह, उदित तिवारी, अनुपम, शक्ति ध्वज, सचिन, संजीव राय, प्रीतपाल, मेरठ परिसर से डॉ. पंकज चौधरी तथा मीडिया प्रभारी विश्वास राणा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने जीवन के विशेष अवसरों पर पौधरोपण को परंपरा बना ले और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करे, तो आने वाले वर्षों में भारत न केवल हरित और स्वच्छ बनेगा, बल्कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी पर्यावरण संरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। सभी ने “ग्रीन इंडिया-स्वच्छ भारत” अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने का संकल्प लिया।