कौशल विकास प्रदर्शनी में लगी स्टॉल का अवलोकन करते उत्तर प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
लखनऊ। विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भव्य कार्यक्रम में कौशल विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने ‘कौशलम’ पुस्तिका का विमोचन भी किया, जिसमें केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत संकलन प्रस्तुत किया गया है। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 11 युवाओं को सम्मानित भी किया गया।
कौशल विकास से बदल रही युवाओं की तस्वीर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कौशल विकास को रोजगार और आत्मनिर्भरता का सबसे प्रभावी माध्यम बनाया गया है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है जिससे वे उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार होकर रोजगार या स्वरोजगार प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित युवा ही विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।
9 वर्षों में 20 लाख युवाओं को प्रशिक्षण
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि योगी सरकार के पिछले नौ वर्षों में 20 लाख युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक ट्रेडों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इनमें से 12.50 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया, जो प्रदेश के कौशल विकास अभियान की बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 में 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जा सके।
बजट में 9 गुना वृद्धि, आईटीआई का हो रहा आधुनिकीकरण
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि कौशल विकास क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए विभाग का बजट पिछले वर्षों की तुलना में 9 गुना बढ़ाकर 3310 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि टाटा समूह के साथ 7000 करोड़ रुपये के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) समझौते के माध्यम से प्रदेश की 225 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (आईटीआई) को आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है।
AI, रोबोटिक्स और IoT जैसे आधुनिक ट्रेडों में प्रशिक्षण
प्रदेश सरकार अब युवाओं को पारंपरिक ट्रेडों के साथ-साथ भविष्य की तकनीकों से भी जोड़ रही है। इसके अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) सहित कई आधुनिक एवं हाई-टेक ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि युवा वैश्विक रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप तैयार हो सकें।
ब्लू डॉट सॉफ्टवेयर से मिलेगा सीधे रोजगार का अवसर
कार्यक्रम में ‘ब्लू डॉट’ सॉफ्टवेयर भी चर्चा का केंद्र रहा। यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां प्रशिक्षित युवा अपना बायोडाटा अपलोड कर सकेंगे। इसके माध्यम से विभिन्न कंपनियां सीधे योग्य अभ्यर्थियों से संपर्क कर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करेंगी। इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज होगी।
‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ और ‘जीरो पॉवर्टी’ अभियान पर जोर
सरकार की ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ योजना के तहत स्कूली विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे पढ़ाई के साथ व्यावहारिक दक्षता भी विकसित कर सकें।
इसके अलावा ‘जीरो पॉवर्टी’ अभियान के अंतर्गत गरीब परिवारों के युवाओं, महिलाओं एवं दिव्यांगजनों को विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है।
सफल युवाओं ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम के दौरान कृष्ण कुमार साहू, भावना दुबे, ज्ञान प्रकाश वर्मा, राजरानी और शुभ्रा विश्वास सहित कई सफल युवाओं ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कौशल प्रशिक्षण ने उनके जीवन को नई दिशा दी और उन्हें सम्मानजनक रोजगार एवं आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला।
रोजगारपरक शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम
विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम प्रदेश में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगार सृजन को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ा जाए, जिससे उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी कौशल विकास केंद्र बन सके।