भारतीय किसान यूनियन की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी
मेरठ। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) मेरठ की जिला समीक्षा बैठक रविवार को भोला झाल पर आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न गांवों से सैकड़ों की संख्या में किसान, पदाधिकारी और संगठन के जिम्मेदार प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता ओमवीर सिंह ने की, जबकि नेतृत्व जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने किया। बैठक का संचालन तहसील अध्यक्ष मोनू टिकरी और हर्ष चाहल ने संयुक्त रूप से किया।
बैठक में किसानों ने जिले में विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं के समाधान में हो रही देरी, प्रशासनिक उदासीनता और अधिकारियों के व्यवहार पर नाराजगी व्यक्त की। किसानों ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतें और ज्ञापन देने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। इसी के विरोध में भारतीय किसान यूनियन ने 21 जुलाई को जिला मुख्यालय के घेराव का ऐलान किया है।
किसानों ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
बैठक को संबोधित करते हुए भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि जिले में किसानों की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी मेरठ के समक्ष किसान दिवस, धरना-प्रदर्शन और विभिन्न माध्यमों से कई बार समस्याएं उठाई जा चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि जब भी किसानों की ओर से जिलाधिकारी से मिलने का समय मांगा जाता है तो व्यस्तता का हवाला देकर मुलाकात नहीं हो पाती। इससे किसानों में गहरा असंतोष है और अब किसान आंदोलन के माध्यम से समाधान लेने के लिए मजबूर हैं।
खाद, बिजली, गन्ना भुगतान और भ्रष्टाचार बने मुख्य मुद्दे
समीक्षा बैठक में किसानों ने कई प्रमुख समस्याएं उठाईं। किसानों का कहना था कि सहकारी समितियों पर खाद वितरण में भारी अनियमितताएं हुई हैं और कई किसानों को जरूरत के अनुसार खाद नहीं मिल सकी। उनका आरोप है कि अनेक किसानों को केवल दो से चार बैग खाद ही उपलब्ध कराई गई, जबकि आवश्यकता इससे कहीं अधिक थी।
इसके अलावा किसानों ने बिजली विभाग पर जबरन विद्युत भार बढ़ाने का आरोप लगाया। किसानों ने कहा कि इससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। गन्ना किसानों ने बकाया भुगतान में लगातार हो रही देरी पर भी चिंता जताई और इसे किसानों की आर्थिक स्थिति के लिए गंभीर समस्या बताया।
बैठक में तहसीलों में कथित भ्रष्टाचार, लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली तथा अन्य विभागों में व्याप्त अनियमितताओं पर भी चर्चा की गई।
21 जुलाई को जिला मुख्यालय घेराव का निर्णय
बैठक में मौजूद किसानों ने एकमत होकर निर्णय लिया कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो 21 जुलाई को जिला मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। किसानों ने कहा कि इस बार आंदोलन केवल प्रतीकात्मक नहीं होगा, बल्कि समस्याओं के समाधान तक संघर्ष जारी रहेगा।
भाकियू नेताओं ने कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रशासन को किसानों की मांगों पर गंभीरता से निर्णय लेना होगा।
संघर्ष तेज करने का आह्वान
बैठक के दौरान मेजर चिंदौड़ी ने किसानों से एकजुट रहने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसान संगठन की ताकत उसकी एकजुटता है और यदि सभी किसान मिलकर आवाज उठाएंगे तो प्रशासन को उनकी समस्याओं का समाधान करना ही पड़ेगा।
ये रहे मौजूद
बैठक में जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी, सतबीर सिंह, मेजर सुरेन्द्र, उज्ज्वल खाप के चौधरी संजय सिंह, रामफल शर्मा, सत्येंद्र, सुनील, बबलू, सुरेन्द्र, लाला, वीरेंद्र, केपी, वेदपाल प्रधान, हाजी काशी, पप्पन, पवन, बॉबी, विनोद, उत्तम सहित जिले के विभिन्न गांवों से पहुंचे सैकड़ों किसान एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।