रविकांत ( राष्ट्रीय अध्यक्ष शोषित क्रांति दल )
मेरठ। वंश कुशवाहा की मौत के मामले में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने मेरठ के मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडे को नोटिस जारी कर 4 अगस्त 2026 को दोपहर 2 बजे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। आयोग ने दोनों अधिकारियों से मामले में अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत आख्या (Action Taken Report) भी तलब की है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आयोग ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित अधिकारी निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं होते हैं तो आयोग संविधान द्वारा प्रदत्त अपने अधिकारों का प्रयोग करने के लिए स्वतंत्र होगा।
पीड़ित परिवार ने आयोग में की थी शिकायत
शोषित क्रांति दल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 30 जून 2026 को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत पीड़ित परिवार के साथ राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति से मिले थे। इस दौरान उन्होंने वंश कुशवाहा की मौत के मामले में शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की थी।
28 मई की घटना का मामला
प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि 28 मई 2026 को वंश कुशवाहा की उसके दोस्तों द्वारा भोले की झाल स्थित नहर में डुबोकर हत्या कर दी गई थी। साथ ही आरोप लगाया गया है कि इस मामले में मेरठ पुलिस ने समय पर एफआईआर दर्ज नहीं की, जिसके चलते पीड़ित परिवार को न्याय के लिए विभिन्न स्तरों पर गुहार लगानी पड़ी।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार द्वारा नहीं की जा रही है और मामले की जांच संबंधित एजेंसियों के स्तर पर जारी है।
4 अगस्त को आयोग के समक्ष पेश होंगे अधिकारी
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 4 अगस्त 2026 को आयोग के समक्ष उपस्थित होकर मामले में अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। आयोग यह भी स्पष्ट कर चुका है कि अनुपस्थित रहने की स्थिति में वह संविधान द्वारा प्रदत्त अपने वैधानिक अधिकारों का उपयोग कर सकता है।
शोषित क्रांति दल ने जताया आभार
प्रेस विज्ञप्ति में शोषित क्रांति दल ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आयोग द्वारा सीधे वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया जाना पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पार्टी ने उम्मीद जताई कि आयोग के हस्तक्षेप के बाद मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।