उत्तर प्रदेश शासन द्वारा बंद स्कूलों के बाहर प्रदर्शन करते समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता
मेरठ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश तथा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के आदेश पर शिक्षक दिवस के अवसर पर मेरठ महानगर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान भारत के प्रथम राष्ट्रपति, महान स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षक एवं समाजवादी विचारक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके चित्र पर माल्यार्पण किया गया। सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डॉ. राधाकृष्णन के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज में शिक्षा की अलख जगाने का संकल्प लिया।
बंद स्कूलों का किया निरीक्षण
शिक्षक दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मेरठ महानगर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर बंद पड़े प्राथमिक एवं जूनियर स्कूलों का निरीक्षण किया। पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, महानगर के करीब 49 स्कूलों का दौरा कर वहां की स्थिति देखी गई। इनमें साबुनग्रान की प्राइमरी पाठशाला, शाहघासा स्थित जूनियर विद्यालय, दरूदग्रान, हरी नगर, पौड़ीवाड़ा, बनी सराय, भाटवाड़ा, ठठेरवाड़ा, जाटव गेट, मोरीपाड़ा, सराय लालदास, गगोल और गोटका सहित विभिन्न क्षेत्रों के विद्यालय शामिल रहे।
सपा नेताओं ने कहा कि इन विद्यालयों के बंद होने से आसपास के बच्चों, विशेषकर गरीब और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने से पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों के शिक्षा के अधिकार और बेहतर अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
सरकारी स्कूल बंद किए जाने पर जताया विरोध
समाजवादी पार्टी ने केंद्र और प्रदेश सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल उठाते हुए सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने का विरोध किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि सरकारी विद्यालय समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में स्कूलों को बंद करने के बजाय उनमें शिक्षकों, संसाधनों और सुविधाओं की व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए।
सपा नेताओं ने बेसिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव से मांग की कि बंद किए गए विद्यालयों को तत्काल पुनः संचालित किया जाए, ताकि क्षेत्र के बच्चों को उनके आसपास ही शिक्षा की सुविधा उपलब्ध हो सके।
सपा सरकार बनने पर 26 हजार स्कूल फिर खोलने का दावा
समाजवादी पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो बंद किए गए 26 हजार स्कूलों को दोबारा शुरू कराया जाएगा। इसके साथ ही इन विद्यालयों का सौंदर्यीकरण और आवश्यक सुविधाओं का विकास कराया जाएगा। पार्टी ने यह भी दावा किया कि प्रदेश में 26 हजार नए प्राथमिक विद्यालय खोलने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा मिल सके।
कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष समेत कई नेता रहे मौजूद
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी मेरठ महानगर अध्यक्ष हाजी आदिल चौधरी रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि समाजवादी पार्टी पार्षद दल के पूर्व नेता अफजाल सैफी रहे। कार्यक्रम में शहर विधानसभा अध्यक्ष शाहिद पहलवान, पार्षद बृजेश जाटव, महानगर उपाध्यक्ष, दक्षिण विधानसभा अध्यक्ष चौधरी आस मोहम्मद और महानगर सचिव शहजाद कुरैशी सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
दरूदग्रान क्षेत्र में पूर्व शहर विधानसभा अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता अकबर खान, साबिर चौहान, मोहम्मद आसिफ खान, पार्षद इकराम चौधरी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने नेताओं का स्वागत किया। साबुनग्रान क्षेत्र में गुलजार कुरैशी, नफीस सैफी, अनीस सैफी, अब्दुल रहमान, रियाज, बाबू कुरैशी, आमिर सैफी, आदिल सैफी, हुसैन अहमद और शेख की कैंची वाले समेत कई लोग मौजूद रहे।
हरी नगर में पूर्व पार्षद शहजाद मेवाती, सैफू मेवाती, सद्दाम मेवाती, जाहिद खान, नाजमा अब्बासी और भूरे भाई सहित स्थानीय लोगों ने सपा नेताओं का स्वागत किया।
शिक्षा को लेकर जनजागरूकता का आह्वान
सपा नेताओं ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों के सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि शिक्षा के महत्व को समझने और समाज के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने का संकल्प लेने का दिन भी है। उन्होंने लोगों से सरकारी विद्यालयों को बचाने और बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में अफजाल सैफी, पूर्व पार्षद दल नेता नगर निगम मेरठ एवं समाजवादी पार्टी तथा आदिल सिद्दीकी, प्रवक्ता, महानगर समाजवादी पार्टी मेरठ की ओर से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और बंद सरकारी स्कूलों को पुनः संचालित कराने की मांग दोहराई गई।