आम आदमी पार्टी के मेरठ जिला अध्यक्ष अंकुश चौधरी हाउस अरेस्ट
नई दिल्ली। देश में कथित पेपर लीक मामलों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलन ने एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है। प्रख्यात शिक्षाविद एवं पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के समर्थन में विभिन्न संगठनों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में अंकुश चौधरी ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट जारी करते हुए दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की और आंदोलन को जारी रखने का संकल्प दोहराया।
अंकुश चौधरी ने अपनी पोस्ट की शुरुआत प्रसिद्ध पंक्तियों से की—
“जलते घर को देखने वालों, फूस का छप्पर आपका है।
पीछे-पीछे तेज़ हवा है, आगे मुकद्दर आपका है।
उसके क़त्ल पर मैं भी चुप था, मेरा नंबर आ गया।
मेरे क़त्ल पर तुम भी चुप हो, अगला नंबर आपका है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि देश के लाखों-करोड़ों युवाओं के भविष्य को कथित पेपर लीक की घटनाओं के माध्यम से प्रभावित किया गया है। इसी मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे।
पोस्ट के अनुसार, अंकुश चौधरी ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जबरन धरना स्थल से हटाकर हिरासत में ले लिया, जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया। उन्होंने इस कार्रवाई को “बेहद निंदनीय” बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे लोगों के साथ इस प्रकार का व्यवहार उचित नहीं है।
अंकुश चौधरी ने यह भी दावा किया कि उन्हें स्वयं भी पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता और युवाओं के भविष्य की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। यदि युवाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों पर आवाज़ उठाने वालों को रोका जाएगा, तो इससे असंतोष और बढ़ेगा।
हालांकि, इस मामले में दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार की ओर से इस पोस्ट में लगाए गए दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। मामले को लेकर विभिन्न पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी और संबंधित पक्षों के बयान का इंतजार किया जाना चाहिए।