मेरठ व्यापार मंडल के शैंकी वर्मा को किया हाउस अरेस्ट
मेरठ। समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता एवं मेरठ व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा ने देर रात पुलिस द्वारा नोटिस दिए जाने की घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताया है। उन्होंने कहा कि जिस समय पुलिस उनके आवास पर पहुंची, उस समय उनका कोई कार्यक्रम प्रस्तावित नहीं था। इसके बावजूद उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 168 के अंतर्गत नोटिस दिया गया।
शैंकी वर्मा ने कहा कि देर रात लगभग 11:30 बजे नोटिस दिए जाने की कार्रवाई कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कानून का सम्मान करने वाले नागरिक हैं और संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के तहत जनता की समस्याओं को उठाना अपना दायित्व मानते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि व्यापारियों, महिलाओं और आम नागरिकों के अधिकारों की आवाज़ उठाना अथवा जनहित के मुद्दों को प्रशासन के सामने रखना अपराध माना जाता है, तो वह भविष्य में भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। उनका कहना है कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का दायित्व जनता की समस्याओं को उठाना होता है और इसे किसी भी रूप में दबाया नहीं जाना चाहिए।
सपा नेता ने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि वह निष्पक्षता, पारदर्शिता और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप कार्य करे। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है और प्रशासन का दायित्व है कि वह इन अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करे।
शैंकी वर्मा ने यह भी कहा कि वह कानून का पूर्ण सम्मान करते हैं और सक्षम अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष विधिसम्मत तरीके से प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों और आम नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में शांति बनाए रखें तथा लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखें।
अपने संदेश के अंत में उन्होंने कहा कि “जनता की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। सत्य और न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।”