पुलिस गिरफ्त में हत्या आरोपी पत्नी और उसका प्रेमी
हस्तिनापुर। उत्तर प्रदेश में सामने आए चर्चित हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। आरोपी पत्नी दामिनी को न्यायालय में पेश करने के बाद शनिवार, 18 जुलाई को जेल भेज दिया गया। पुलिस अब मामले के हर पहलू की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि दामिनी जिस महिला के साथ अपने पति अतुल के कथित संबंध होने की बात कह रही है, वह कौन है। इसके अलावा पुलिस को दामिनी और उसके प्रेमी तुषार के बीच दो हजार से अधिक फोन कॉल तथा मोबाइल चैट भी मिली है, जिन्हें महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
स्कूल में हुई मुलाकात, फिर प्यार और हत्या की साजिश

पुलिस पूछताछ में दामिनी ने बताया कि तुषार स्कूल में इको वैन चालक की नौकरी मांगने आया था। उसे काम पर रख लिया गया। वह बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के साथ-साथ दामिनी को भी घर से स्कूल और स्कूल से घर छोड़ता था। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोस्ती प्रेम संबंध में बदल गई।
दामिनी के अनुसार, दोनों करीब एक वर्ष से रिश्ते में थे और शादी करना चाहते थे। योजना यह थी कि अतुल की मौत के बाद तुषार अपनी पत्नी को तलाक दे देगा, क्योंकि उसका भी वैवाहिक जीवन विवादों से घिरा हुआ था।
लव मैरिज के सात साल बाद बिगड़े रिश्ते
पूछताछ में दामिनी ने बताया कि सात वर्ष पहले उसने अतुल से प्रेम विवाह किया था। शुरुआती दिनों में दोनों के बीच अच्छे संबंध थे, लेकिन शादी के करीब दो साल बाद रिश्तों में तनाव शुरू हो गया। उसका आरोप है कि पति उसके साथ मारपीट करता था और वर्ष 2022 में उसे अतुल के किसी दूसरी महिला से संबंध होने की जानकारी मिली।
दामिनी ने यह भी दावा किया कि उसने पहले पति से अलग होने और तलाक के लिए पुलिस अधिकारियों के यहां प्रार्थना पत्र भी दिया था, लेकिन परिवार के समझाने पर वह दोबारा साथ रहने लगी।
तीन महीने तक तलाशते रहे सपेरे

पुलिस के अनुसार, दामिनी ने अपने प्रेमी तुषार को पति की हत्या की योजना बताई। इसके बाद दोनों ने लगभग तीन महीने तक ऐसे सपेरों की तलाश की जो जहरीला सांप उपलब्ध करा सकें। बाद में उनकी मुलाकात सोनू और उदय नामक दो सपेरों से हुई।
पूछताछ में सामने आया कि 7 जुलाई को तुषार ने सपेरों को 15 हजार रुपये एडवांस दिए थे। हत्या के लिए कुल पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। सांप को एक डिब्बे में बंद कर पहले स्कूल परिसर में छिपाकर रखा गया।
दूध में मिलाईं नींद की गोलियां, फिर छोड़ा जहरीला सांप
दामिनी ने पुलिस को बताया कि 16 जुलाई की रात अतुल घर लौटा। दोनों ने साथ में भोजन किया। इसके बाद उसने पति को दूध में 12 से 15 नींद की गोलियां मिलाकर पिला दीं। अतुल गहरी नींद में सो गया।
17 जुलाई की सुबह करीब पांच बजे उसने तुषार को फोन किया। इसके बाद तुषार, सोनू और उदय घर पहुंचे। तीनों ने चुपचाप बेड पर चादर के भीतर जहरीला सांप छोड़ दिया और सांप को चादर से दबा दिया ताकि वह अतुल को काट ले। सांप के डसने के बाद सभी वहां से निकल गए।
इसके बाद दामिनी ने शोर मचाया और ससुराल पक्ष को फोन कर बताया कि अतुल को सांप ने काट लिया है और वह बेहोश है।
पोस्टमॉर्टम को लेकर थी पूरी तैयारी
पुलिस पूछताछ में दामिनी ने बताया कि उसने पहले एक अन्य मामले के बारे में सुना था, जिसमें हत्या के बाद सांप छोड़कर उसे प्राकृतिक मौत दिखाने की कोशिश की गई थी, लेकिन पोस्टमॉर्टम में सच्चाई सामने आ गई थी।
इसी वजह से उन्होंने इस बार जहरीले सांप का इस्तेमाल करने का फैसला किया ताकि मौत का कारण केवल सांप का डसना ही प्रतीत हो और किसी को हत्या की साजिश का संदेह न हो।
हत्या के बाद 20 लाख बीमा और जमीन पर थी नजर
पुलिस के अनुसार, दामिनी ने स्वीकार किया कि हत्या के बाद अतुल के मेडिकल बीमा के करीब 20 लाख रुपये मिलने की उम्मीद थी। इसके अलावा अतुल के नाम पर मौजूद लगभग 36 बीघा जमीन पर भी उसका और बेटे का अधिकार हो जाता।
उसका कहना था कि कुछ महीने बाद माहौल सामान्य होने पर वह तुषार से शादी कर लेती और दोनों साथ मिलकर स्कूल का संचालन करते।
बेटे को अपने साथ रखना चाहती थी
पूछताछ में दामिनी ने बताया कि वह अपने बेटे मानिक से बेहद प्यार करती है और उसे अपने पास ही रखना चाहती थी। उसकी योजना थी कि शादी के बाद भी बेटा उसी के साथ रहेगा और वह तथा तुषार मिलकर नई जिंदगी शुरू करेंगे।
परिवार से अलग रहने के लिए ज्योतिष का बहाना
दामिनी ने पुलिस को बताया कि ससुराल में अक्सर विवाद होते थे। इसलिए उसने परिवार वालों से यह कह दिया कि किसी ज्योतिष ने चार साल तक अलग रहने की सलाह दी है। इसके बाद वह पति और बेटे के साथ किराये के मकान में रहने लगी।
स्कूल का अधिकांश संचालन वही संभालती थी। वह प्रिंसिपल होने के साथ-साथ प्रवेश, पढ़ाई और प्रशासनिक कार्य भी देखती थी, जबकि अतुल स्कूल का डायरेक्टर था।
तुषार ने पहले ही पुलिस के सामने खोला राज
पुलिस के अनुसार, आरोपी तुषार भी विवाहित है। घटना के बाद वह अपने घर गया और सुबह होते ही पत्नी तथा बच्चों को शास्त्री नगर स्थित ससुराल भेज दिया।
बताया गया कि वह दोबारा दामिनी के घर पहुंचा और वहां रोने-बिलखने का नाटक भी किया। अंतिम संस्कार जल्द कराने की बात भी वह लगातार करता रहा। लेकिन जब उसे लगा कि पुलिस पोस्टमॉर्टम और गहन जांच करेगी, तो वह वहां से निकल गया।
पुलिस ने सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस की। घर पहुंचने पर ताला मिला, लेकिन लगातार तलाश के बाद 17 जुलाई की रात उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की जांच जारी
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल, वित्तीय लेन-देन और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।