मेरठ कॉलेज (मेरठ)
मेरठ। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) के प्रस्तावित मूल्यांकन तथा आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारियों को लेकर मेरठ कॉलेज प्रशासन ने अपनी कार्ययोजना को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. युद्धवीर सिंह की अध्यक्षता में सभी विभागाध्यक्षों एवं शिक्षकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, नवाचार, छात्र सहभागिता, संस्थागत विकास तथा गुणवत्ता आधारित शिक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में प्राचार्य प्रो. युद्धवीर सिंह ने कहा कि नया शैक्षणिक सत्र केवल नियमित शिक्षण कार्य का आरंभ नहीं है, बल्कि मेरठ कॉलेज को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान के रूप में स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। उन्होंने कहा कि NAAC मूल्यांकन केवल ग्रेड प्राप्त करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसी भी शिक्षण संस्थान की कार्यसंस्कृति, गुणवत्ता, पारदर्शिता, नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता का वास्तविक आकलन होता है। इसलिए प्रत्येक विभाग को निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना होगा।
उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों से शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने, विद्यार्थियों की अकादमिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने तथा समाजोपयोगी कार्यक्रमों के आयोजन पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि टीम भावना के साथ कार्य करते हुए मेरठ कॉलेज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना सभी शिक्षकों और कर्मचारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
शोध और नवाचार को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन
बैठक में स्नातकोत्तर तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए माइनर डिसर्टेशन से संबंधित कार्यशालाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों के शोध विषयों का समयबद्ध अनुमोदन किया जाएगा तथा उन्हें शोध लेख (रिसर्च आर्टिकल) लेखन, शोध पद्धति और अकादमिक लेखन के संबंध में विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
महाविद्यालय प्रशासन का उद्देश्य विद्यार्थियों में शोध की प्रवृत्ति विकसित करना तथा उन्हें उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है।
हर विभाग में बनेंगे वॉलंटियर और एक्टिविटी क्लब
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक विभाग में वॉलंटियर्स एवं एक्टिविटी क्लब गठित किए जाएंगे। इन क्लबों के माध्यम से विद्यार्थियों को शैक्षणिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, खेल, सामाजिक सेवा तथा व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों के नेतृत्व कौशल, टीमवर्क और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्थापित होंगी विभागीय लाइब्रेरी
प्राचार्य ने प्रत्येक विभाग में विषयानुकूल डिपार्टमेंटल लाइब्रेरी स्थापित करने के निर्देश दिए। इन पुस्तकालयों में विषय विशेषज्ञों द्वारा अनुशंसित मानक पुस्तकें, संदर्भ ग्रंथ, शोध पत्रिकाएं, ई-रिसोर्स तथा अन्य अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इससे विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, स्वाध्याय और शोध कार्य में सुविधा मिलेगी तथा विभागीय स्तर पर मजबूत अकादमिक वातावरण विकसित होगा।
विशेषज्ञ व्याख्यान, कार्यशालाएं और शैक्षणिक भ्रमण होंगे आयोजित
महाविद्यालय में वर्षभर विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। इनमें अतिथि व्याख्यान, विशेषज्ञ व्याख्यान, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सेमिनार, कार्यशालाएं, ओरिएंटेशन कार्यक्रम, रिफ्रेशर कार्यक्रम, लीगल एड क्लीनिक, विधिक साक्षरता शिविर, मूट कोर्ट गतिविधियां तथा अन्य नवाचार आधारित आयोजन शामिल होंगे।
विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न संस्थानों के शैक्षणिक भ्रमण भी कराए जाएंगे। आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञ रिसोर्स पर्सन एवं अतिथि संकाय की सेवाएं भी ली जाएंगी, जिससे विद्यार्थियों को नवीनतम विषयगत जानकारी और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके।
वार्षिक शैक्षणिक कैलेंडर होगा तैयार
बैठक में सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि वे अपना वार्षिक शैक्षणिक कैलेंडर तैयार कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर उसे लागू करें। प्रत्येक विभाग की गतिविधियों की नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के माध्यम से की जाएगी, ताकि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
NAAC में उत्कृष्ट प्रदर्शन का लक्ष्य
प्राचार्य प्रो. युद्धवीर सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि महाविद्यालय के सभी विभाग यदि समन्वित रूप से गुणवत्ता, शोध, नवाचार और छात्र-केंद्रित शिक्षा पर कार्य करेंगे तो आगामी NAAC मूल्यांकन में मेरठ कॉलेज उत्कृष्ट प्रदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय की गौरवशाली शैक्षणिक परंपरा को और अधिक सशक्त बनाते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, शोधोन्मुख और रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराना संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने सभी शिक्षकों से आह्वान किया कि वे नई शिक्षा नीति (NEP) की भावना के अनुरूप नवाचार, अनुसंधान और कौशल विकास आधारित शिक्षण पद्धति को अपनाते हुए मेरठ कॉलेज को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट संस्थान के रूप में स्थापित करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।