अभिनेत्री आकांक्षा पुरी
नई दिल्ली। फिल्म और टीवी अभिनेत्री आकांक्षा पुरी ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा दावा किया है, जिसने राजनीतिक प्रचार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आकांक्षा पुरी का कहना है कि कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कलाकारों को छात्रों के प्रदर्शन, रैलियों और राजनीतिक अभियानों में शामिल होने के लिए मोटी रकम की पेशकश की जा रही है।
अभिनेत्री ने दावा किया कि उन्हें भी कई राजनीतिक दलों की ओर से ऐसे प्रस्ताव मिले, लेकिन उन्होंने साफ तौर पर इन्हें ठुकरा दिया क्योंकि वह इस तरह की गतिविधियों का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं।
“मैं इस कूड़े का हिस्सा नहीं बनना चाहती”
आकांक्षा पुरी ने कहा कि उन्हें अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से संपर्क किया गया था। हालांकि उन्होंने किसी भी दल का नाम सार्वजनिक नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह किसी भी तरह के पैसे लेकर राजनीतिक प्रचार या प्रदर्शन का हिस्सा बनने के पक्ष में नहीं हैं और इसलिए उन्होंने ऐसे सभी प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया।
उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।
इन्फ्लुएंसर ने भी किया था ऐसा ही दावा
आकांक्षा पुरी के बयान से पहले एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने भी वीडियो जारी कर दावा किया था कि उसे जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के विरोध में राजनीतिक अभियान का हिस्सा बनने का प्रस्ताव मिला था।
इन्फ्लुएंसर के अनुसार, उसे केवल दो रील (Reels) बनानी थीं, जिसके बदले 40 हजार रुपये देने की पेशकश की गई थी। उसने दावा किया कि उसने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया और पूरी घटना को सार्वजनिक कर दिया।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
दो अलग-अलग लोगों के समान प्रकार के दावों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या राजनीतिक अभियानों में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कलाकारों का भुगतान के आधार पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
हालांकि, इन दावों के समर्थन में अभी तक कोई स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है और न ही किसी राजनीतिक दल ने इन आरोपों पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है।
किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया
गौरतलब है कि आकांक्षा पुरी ने अपने बयान में किसी भी राजनीतिक दल, संगठन या व्यक्ति का नाम नहीं लिया है। उन्होंने केवल इतना कहा कि उन्हें ऐसे ऑफर मिले थे, जिन्हें उन्होंने स्वीकार करने से इनकार कर दिया।