कारगिल विजय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में विचार रखते मंत्री सोमेंद्र तोमर
मेरठ। कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर जनपद सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय, मेरठ में शनिवार को एक गरिमामय श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अद्वितीय शौर्य, पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। समारोह में वीर नारियों, पूर्व सैनिकों, शहीद परिवारों तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर राष्ट्र के वीर सपूतों को नमन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के राजनैतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सोमेन्द्र तोमर रहे। उन्होंने अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ-साथ वीर नारियों, कारगिल युद्ध में भाग लेने वाले पूर्व सैनिकों एवं शहीद आश्रितों को सम्मानित किया।
अपने संबोधन में डॉ. सोमेन्द्र तोमर ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य विजय का प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्र की अस्मिता, स्वाभिमान और भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों का त्याग सदैव स्मरणीय रहेगा और उनकी गौरवगाथा आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति एवं राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
उन्होंने कहा कि मेरठ वीरों और बलिदान की पावन भूमि है, जिसने देश को अनेक बहादुर सैनिक दिए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं शहीद परिवारों के सम्मान, पुनर्वास और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार उनकी समस्याओं के समाधान और उनके अधिकारों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
इस अवसर पर ब्रिगेडियर अतुल कुमार (सेना मेडल, सेवानिवृत्त), निदेशक, सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास, उत्तर प्रदेश ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों तथा उनके आश्रितों के सर्वांगीण विकास और पुनर्वास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उनके परिवारों की देखभाल और सम्मान सुनिश्चित करना समाज और शासन दोनों की साझा जिम्मेदारी है।
समारोह के दौरान कारगिल युद्ध में भाग लेने वाले पूर्व सैनिकों सहित कुल 21 वीर नारियों एवं पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले सभी योद्धाओं और वीर नारियों का उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच अभिनंदन किया। इस दौरान देशभक्ति का वातावरण देखने को मिला और उपस्थित लोगों ने शहीदों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण निदेशालय सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास, उत्तर प्रदेश सरकार के तत्वावधान में भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई), पुणे द्वारा निर्मित लघु वृत्तचित्र “वीर गाथा” का लोकार्पण रहा। यह वृत्तचित्र उत्तर प्रदेश के वीर शहीदों के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान पर आधारित है। वृत्तचित्र का उद्देश्य नई पीढ़ी को देशसेवा, राष्ट्रभक्ति और सैन्य परंपराओं से जोड़ना तथा युवाओं में देश के प्रति समर्पण की भावना को सुदृढ़ करना है।
समारोह में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारियां, सेवारत सैनिक, शहीद परिवार, विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को सदैव स्मरण रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपनी अटूट निष्ठा दोहराने के साथ हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने वीर शहीदों के आदर्शों का अनुसरण करने, देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का सामूहिक संकल्प लिया।
कारगिल विजय दिवस प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है। यह दिन वर्ष 1999 में भारतीय सेना द्वारा कारगिल युद्ध में पाकिस्तान पर ऐतिहासिक विजय प्राप्त करने की स्मृति में मनाया जाता है। इस अवसर पर पूरे देश में वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके अदम्य साहस, वीरता और बलिदान को याद किया जाता है।