विजय मार्च निकालते कांग्रेसी
मेरठ। देशभर में छात्रों के मुद्दों को लेकर चलाए गए ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की सफलता के उपलक्ष्य में शनिवार को मेरठ में कांग्रेस नेताओं और छात्र-युवाओं ने विजय मार्च निकाला। अभियान के मेरठ संयोजक अवनीश काजला एवं कांग्रेस महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। विजय मार्च मेरठ कॉलेज परिसर से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरा, जहां प्रतिभागियों ने छात्र हितों, लोकतांत्रिक अधिकारों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।
आयोजकों ने इस अवसर को छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज़ और संघर्ष की ऐतिहासिक जीत बताया। उनका कहना था कि पिछले एक माह से अधिक समय से चल रहे अभियान ने देशभर के छात्रों को एक साझा मंच प्रदान किया, जहां उन्होंने शिक्षा, रोजगार और अन्य छात्र हितों से जुड़े विषयों पर अपनी बात मजबूती से रखी।
25 जून से मेरठ में लगातार चल रहा था अभियान
अभियान के मेरठ संयोजक अवनीश काजला ने बताया कि 25 जून से मेरठ में लगातार ‘छात्रों की गूंज’ अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से जुड़े बड़ी संख्या में छात्र-युवाओं ने अभियान में भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल मेरठ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के 28 शहरों में संचालित किया गया, जिसमें हजारों छात्रों ने भाग लेकर अपनी मांगों और समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से उठाया।
उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता इस बात का प्रमाण है कि देश का युवा अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर जागरूक है तथा लोकतांत्रिक माध्यमों से अपनी आवाज़ बुलंद करना चाहता है।
छात्रों की एकजुटता और संघर्ष की जीत
विजय मार्च के दौरान अवनीश काजला और महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान ने यह साबित कर दिया है कि यदि छात्र संगठित होकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखें तो उनकी आवाज़ को अनदेखा नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि छात्रों ने पूरे अभियान के दौरान अनुशासन और शांति बनाए रखते हुए अपनी मांगों को सामने रखा। यह अभियान केवल विरोध का माध्यम नहीं, बल्कि छात्रों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का लोकतांत्रिक प्रयास था।
प्रधानमंत्री से छात्रों से संवाद की मांग
कांग्रेस नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री को देश के छात्रों से सीधा संवाद करना चाहिए और उनकी भावनाओं तथा समस्याओं को समझना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को सकारात्मक पहल करनी चाहिए ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।
साथ ही उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए तथा यदि किसी स्तर पर अनावश्यक बल प्रयोग हुआ है तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
छात्र हितों की लड़ाई जारी रखने का संकल्प
विजय मार्च के दौरान उपस्थित छात्र-युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छात्र एकता, लोकतांत्रिक अधिकारों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर आगे भी संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान ने छात्रों की आवाज़ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दी है और भविष्य में भी शिक्षा, रोजगार तथा छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ उठाया जाता रहेगा।
बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता रहे मौजूद
विजय मार्च में कांग्रेस नेता एवं अभियान से जुड़े अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से अवनीश काजला, रंजन शर्मा, जाहिद अंसारी, धूम सिंह गुर्जर, सलीम खान, अल्तमस त्यागी, सुमित विकल, रीना शर्मा, सैयद सलीमुद्दीन शाह, चौधरी यशपाल सिंह, दिनेश उपाध्याय, अनिल अरोड़ा, वसीम अंसारी, अजीम प्रधान, फरहान चौधरी, अजय चौधरी, निशांत चौधरी, हर्ष चौधरी, गफ्फार मलिक, विनोद सोनकर, सोनम रानी, बबली देवी, अनिल प्रेमी, केडी शर्मा, यासिर सैफी, जैनुद्दीन, अमान अहमद, प्रवीण कुमार, राजा अहमद, हरिकिशन वर्मा, मुजाहिद, पंकज चौधरी, शांति राज, तेजपाल डाबका, रोबिन नाथ गोलू, कल्लू मलिक, नूरुद्दीन, अधिवक्ता महकार भाटी, शाहबाज़ अली, रविंद्र सिंह, विनोद शर्मा, शम्सुद्दीन चौधरी, सौरभ शर्मा, अहमद निस्सू गुर्जर, महाराज महलका, राजपाल सिंह आर्य, योगेंद्र सिंह, इकरामुद्दीन अंसारी, कपिल शर्मा, अमान, शिवकुमार शर्मा, मुस्तकीम चौहान सहित बड़ी संख्या में छात्र एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।