बिजली विभाग
मेरठ। मेरठ के सिविल लाइन क्षेत्र में पिछले कई दिनों से जारी बिजली आपूर्ति की समस्या को लेकर स्थानीय व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। बेगमपुल व्यापार संघ के महामंत्री पुनीत शर्मा ने प्रदेश के प्रमुख समाचार पत्रों को भेजे गए एक पत्र के माध्यम से आरोप लगाया है कि नेहरू रोड, पी.एल. शर्मा रोड, असोडा हाउस सहित आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति लगातार बाधित हो रही है, जिससे आम नागरिकों और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापार संघ की ओर से जारी पत्र के अनुसार, क्षेत्र में कई दिनों से बिजली की स्थिति अत्यंत खराब बनी हुई है। आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) और उपखंड अधिकारी (एसडीओ) फोन तक नहीं उठा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है।
रातभर गुल रही बिजली, कई घंटे तक प्रभावित रही आपूर्ति
पुनीत शर्मा ने बताया कि 24 जुलाई की रात करीब 8 बजे बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई थी। इससे पहले शाम करीब 4 बजे से 8 बजे तक बिजली के बार-बार आने-जाने का सिलसिला चलता रहा। उनका कहना है कि कार्यकारी अभियंता (एक्जीक्यूटिव इंजीनियर) से फोन पर बात करने के बाद देर रात लगभग 12:30 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने बिजली बाधित होने का कारण पैनल में तकनीकी खराबी बताया था।
अगले दिन भी घंटों नहीं मिली बिजली
व्यापार संघ का आरोप है कि समस्या अगले दिन भी जारी रही। 25 जुलाई को सुबह लगभग 9 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी, जिससे घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का कामकाज प्रभावित हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बिजली कटौती के कारण भीषण गर्मी और उमस में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को भी पेयजल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दैनिक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कटौती-मुक्त व्यवस्था के दावे पर उठाए सवाल
बेगमपुल व्यापार संघ के महामंत्री ने अपने पत्र में यह भी कहा कि प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ को कटौती-मुक्त क्षेत्र घोषित किया है, ताकि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके। इसके बावजूद शहर के कई बिजलीघरों से जुड़े क्षेत्रों में लगातार बिजली कटौती हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कटौती-मुक्त व्यवस्था के दावों के विपरीत उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली संकट झेलना पड़ रहा है।
उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग
व्यापार संघ ने समाचार माध्यमों के जरिए प्रशासन और ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। संगठन का कहना है कि संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और सिविल लाइन क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।
पुनीत शर्मा ने उम्मीद जताई कि मामले के सार्वजनिक होने के बाद संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई करेगा और क्षेत्रवासियों को लंबे समय से चली आ रही बिजली समस्या से राहत मिलेगी।