पत्रकारिता स्कूल में जानकारी लेते इंटरनेशनल स्कूल के छात्रा
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू), मेरठ स्थित तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल में मंगलवार को इंटरनेशनल स्कूल, मेरठ के 39 विद्यार्थियों ने शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने मीडिया शिक्षा से जुड़ी आधुनिक तकनीकों, पत्रकारिता की कार्यप्रणाली तथा रेडियो और टेलीविजन प्रसारण की पूरी प्रक्रिया को बेहद करीब से देखा और समझा। यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि उनके करियर के प्रति नई सोच विकसित करने वाला भी साबित हुआ।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने संस्थान के रेडियो स्टूडियो, टेलीविजन स्टूडियो, कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और ओपन थिएटर का अवलोकन किया। यहां उन्हें बताया गया कि आधुनिक मीडिया संस्थानों में समाचारों का निर्माण किस प्रकार होता है और एक खबर को दर्शकों एवं श्रोताओं तक पहुंचाने के लिए कितनी विस्तृत प्रक्रिया अपनाई जाती है।
रेडियो प्रसारण की बारीकियों से हुए परिचित
तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल के शिक्षकों एवं विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को रेडियो प्रसारण की संपूर्ण प्रक्रिया समझाई। उन्हें बताया गया कि किसी रेडियो कार्यक्रम की योजना कैसे बनाई जाती है, रिकॉर्डिंग किस प्रकार होती है, ऑडियो एडिटिंग कैसे की जाती है तथा प्रसारण से पहले किन-किन तकनीकी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है।
विद्यार्थियों ने स्टूडियो में माइक्रोफोन, ऑडियो कंसोल और अन्य आधुनिक उपकरणों को भी देखा तथा जाना कि रेडियो की दुनिया में आवाज़ की गुणवत्ता और प्रस्तुति का कितना महत्व होता है।
टीवी स्टूडियो में देखा न्यूज निर्माण का पूरा सफर
टेलीविजन स्टूडियो में विद्यार्थियों को समाचार निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया से परिचित कराया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि किसी समाचार के प्रसारण से पहले रिपोर्टर, कैमरामैन, वीडियो एडिटर, एंकर, वॉयस ओवर आर्टिस्ट और प्रोडक्शन टीम किस प्रकार समन्वय के साथ कार्य करती है।
विद्यार्थियों को समाचार संकलन, समाचार लेखन, कैमरा संचालन, वीडियो शूटिंग, एंकरिंग, वॉयस ओवर, वीडियो एडिटिंग तथा प्रसारण तकनीक की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने यह भी जाना कि टीवी स्क्रीन पर दिखाई देने वाली कुछ मिनट की खबर के पीछे कई घंटों की मेहनत और तकनीकी प्रक्रिया छिपी होती है।
स्टूडियो की आधुनिक तकनीक ने किया विद्यार्थियों को आकर्षित
रेडियो और टीवी स्टूडियो में लगे अत्याधुनिक कैमरे, माइक्रोफोन, लाइटिंग सिस्टम, क्रोमा सेटअप और अन्य तकनीकी उपकरणों को देखकर विद्यार्थी काफी उत्साहित नजर आए। कई विद्यार्थियों ने कहा कि उन्होंने पहली बार किसी प्रोफेशनल मीडिया स्टूडियो को इतने करीब से देखा है।
विद्यार्थियों ने इसे अपने लिए एक नया और प्रेरणादायक अनुभव बताते हुए कहा कि किताबों में पढ़ी गई मीडिया की अवधारणाओं को वास्तविक रूप में देखने से विषय को समझना कहीं अधिक आसान हो गया।
शिक्षकों ने बताया करियर की असीम संभावनाओं का संसार
इस अवसर पर तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल की शिक्षिका डॉ. दीपिका वर्मा ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज पत्रकारिता एवं जनसंचार का क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। डिजिटल मीडिया, टेलीविजन, रेडियो, सोशल मीडिया, फिल्म, विज्ञापन, जनसंपर्क और कंटेंट क्रिएशन जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी रचनात्मकता और तकनीकी दक्षता के आधार पर स्वयं का यूट्यूब चैनल, पॉडकास्ट, डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म, प्रोडक्शन हाउस या अन्य मीडिया स्टार्टअप भी शुरू कर सकता है।
केवल सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, व्यावहारिक अनुभव भी जरूरी
विभागाध्यक्ष डॉ. श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में मीडिया के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल पाठ्य पुस्तकों का ज्ञान पर्याप्त नहीं है। भाषा पर मजबूत पकड़, तकनीकी कौशल, रचनात्मक सोच, टीमवर्क तथा व्यावहारिक अनुभव भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को मीडिया उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली समझने का अवसर प्रदान करते हैं और भविष्य में सही करियर चुनने में उनकी मदद करते हैं।
लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब और ओपन थिएटर का भी किया अवलोकन
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने संस्थान की समृद्ध लाइब्रेरी का भी अवलोकन किया, जहां पत्रकारिता एवं जनसंचार से संबंधित विभिन्न पुस्तकों, शोध सामग्री और अध्ययन संसाधनों की जानकारी उन्हें दी गई। इसके बाद उन्होंने कंप्यूटर लैब में मीडिया सॉफ्टवेयर और डिजिटल एडिटिंग से जुड़ी सुविधाओं को देखा तथा ओपन थिएटर का भी भ्रमण किया।
शिक्षकों ने सराही विश्वविद्यालय की पहल
इंटरनेशनल स्कूल के साथ आए शिक्षकों ने तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल की आधुनिक सुविधाओं और व्यावहारिक शिक्षण व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि इससे उन्हें पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक अनुभव भी प्राप्त होता है।
विद्यार्थियों ने जताया आभार
भ्रमण के समापन पर विद्यार्थियों एवं उनके शिक्षकों ने तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल के शिक्षकों तथा विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया। विद्यार्थियों ने कहा कि यह भ्रमण उनके लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और यादगार अनुभव रहा तथा भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हो सके।