बुलंदशहर के कांवड़ मार्ग का निरीक्षण करते डी आई जी कलानिधि नैथानी एवं मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी
मेरठ। श्रावण मास में चल रही कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से मंगलवार को मेरठ मंडलायुक्त भानु चन्द्र गोस्वामी और मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) कलानिधि नैथानी ने बुलंदशहर जनपद के प्रमुख कांवड़ मार्गों एवं धार्मिक स्थलों का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं का गहन जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अहार स्थित प्राचीन अंबकेश्वर महादेव मंदिर तथा अनूपशहर क्षेत्र के मस्तराम गंगा घाट का भ्रमण किया। उन्होंने घाटों, मंदिर परिसर और कांवड़ मार्गों पर मौजूद व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए जहां कहीं भी छोटी-मोटी कमियां दिखाई दीं, उन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
अधिकारियों ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
निरीक्षण के समय जिलाधिकारी बुलंदशहर हर्ष कुमार, एसएसपी दिनेश कुमार सिंह, एसपी सिटी अभिषेक प्रताप, एसपी ग्रामीण अंतरिक्ष जैन, संबंधित क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की गई।
भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने निर्देश दिए कि मंदिरों, घाटों और संकरे पुलों जैसे संवेदनशील स्थानों पर श्रद्धालुओं की कतारें व्यवस्थित कराई जाएं ताकि कहीं भी अनावश्यक भीड़ एकत्र न हो। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी रहनी चाहिए और किसी भी स्थान पर भीड़ रुकने की स्थिति नहीं बनने दी जाए।
साथ ही यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग, विश्राम स्थलों तथा सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी समय-समय पर सार्वजनिक उद्घोषणा और सूचना पट्टों के माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर भी बल दिया गया।
यातायात व्यवस्था रहे सुचारु
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान आम नागरिकों और कांवड़ियों दोनों की सुविधा का ध्यान रखना आवश्यक है। इसके लिए निर्धारित कांवड़ मार्गों पर सामान्य यातायात को नियंत्रित किया जाए तथा विशेष रूप से भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जाए।
इसके अलावा कांवड़ियों के वाहनों और उनके साथ आने वाले सहयोगी वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग स्थल चिन्हित करने, वहां स्पष्ट संकेतक बोर्ड लगाने तथा पार्किंग के कारण यातायात प्रभावित न होने देने के निर्देश दिए गए।
गंगा घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मस्तराम गंगा घाट के निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने जल सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घाटों पर जल पुलिस, पीएसी फ्लड यूनिट, प्रशिक्षित गोताखोर और बचाव दल पूरी तरह सक्रिय रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि घाटों पर संचालित प्रत्येक नाव में निर्धारित संख्या के अनुसार लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों। बिना सुरक्षा उपकरणों वाली किसी भी नाव का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।
नाव संचालकों का सत्यापन और ओवरलोडिंग पर रोक
डीआईजी ने निर्देश दिए कि सभी नाव संचालकों का सत्यापन कराया जाए तथा किसी भी नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं को बैठाने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने कहा कि ओवरलोडिंग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही गहरे पानी वाले क्षेत्रों, फिसलन वाले स्थानों और प्रतिबंधित क्षेत्रों में बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
तकनीक के माध्यम से होगी निगरानी
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अधिकारियों ने घाटों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और अन्य तकनीकी संसाधनों के माध्यम से लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसके अलावा जलस्तर में परिवर्तन, तेज बहाव या खराब मौसम की स्थिति में सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से श्रद्धालुओं को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश भी दिए गए।
महिला, बच्चे और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
डीआईजी ने कहा कि महिला श्रद्धालुओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाए। सभी प्रमुख स्थलों पर खोया-पाया केंद्र और सहायता काउंटर सक्रिय रूप से संचालित किए जाएं ताकि जरूरतमंद श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता मिल सके।
पुलिस बल को दिए अनुशासन और जनसहयोग के निर्देश
निरीक्षण के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि वे वरिष्ठ अधिकारियों, एम्बुलेंस, अग्निशमन सेवा तथा अन्य आपातकालीन सेवाओं के संपर्क नंबर अपने पास रखें और सभी विभागों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखें।
साथ ही ड्यूटी के दौरान अनुशासित, सतर्क और जनसहयोग की भावना के साथ कार्य करने तथा किसी भी शिकायत का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
निरीक्षण के अंत में मंडलायुक्त भानु चन्द्र गोस्वामी और डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और निर्बाध व्यवस्थाएं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यवस्था समय पर और प्रभावी ढंग से लागू की जाए, ताकि कांवड़ यात्रा-2026 पूरी तरह सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।