कांग्रेसी नेता रंजन शर्मा हाउस अरेस्ट
मेरठ। दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय पर कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित शांतिपूर्ण प्रदर्शन से पहले शनिवार सुबह मेरठ में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा सहित कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को उनके आवासों पर ही रोक दिया, जिससे वे प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सके।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सुबह से ही पुलिस बल विभिन्न पदाधिकारियों के घरों पर तैनात रहा और उन्हें बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार पर विपक्ष की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया है।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
मेरठ महानगर कांग्रेस अध्यक्ष रंजन शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार तानाशाहीपूर्ण और दमनकारी रवैया अपना रही है। उनका कहना है कि सरकारी शक्तियों का दुरुपयोग कर विपक्ष की आवाज़ को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जनता और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष को अपनी बात रखने से रोकने तथा लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है।
“शांतिपूर्ण विरोध से पहले ही नजरबंद करना लोकतंत्र के खिलाफ”
रंजन शर्मा ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों और राजनीतिक दलों का संवैधानिक अधिकार है। ऐसे में प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनके घरों में रोकना संविधान की भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना चाहती थी, लेकिन प्रशासन ने पहले ही कार्रवाई करते हुए पार्टी नेताओं की आवाज़ दबाने का प्रयास किया।
संघर्ष जारी रखने का दावा
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ने कहा कि इन कार्रवाईयों के बावजूद पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस छात्रों, युवाओं और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से लड़ती रहेगी तथा अन्याय के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी।
प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार