भारत का शानदार प्रदर्शन
नई दिल्ली। स्कॉटलैंड के शहर ग्लासगो में आयोजित 23वें राष्ट्रमंडल खेल (Commonwealth Games 2026) अपने अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं। 23 जुलाई से शुरू हुए ये खेल 2 अगस्त 2026 तक आयोजित किए जा रहे हैं। इस बार खेलों का स्वरूप पिछले संस्करणों की तुलना में छोटा रखा गया है और केवल 10 खेलों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य द्वारा मेजबानी से हटने के बाद ग्लासगो को इन खेलों की मेजबानी सौंपी गई थी।
इन राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने एक बार फिर अपने खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन से दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। मुक्केबाजी, जूडो, पैरा एथलेटिक्स और एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है।
भारत का शानदार प्रदर्शन
प्रतियोगिता के अंतिम चरण तक भारत 39 पदक जीत चुका है। इनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर बना हुआ है। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा भारत से आगे हैं।
मुक्केबाजी में भारत का दबदबा
इस बार भारतीय मुक्केबाजों ने इतिहास रच दिया। एक ही दिन में भारतीय बॉक्सरों ने 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के सबसे सफल अभियानों में से एक को अंजाम दिया। भारतीय मुक्केबाजों के शानदार प्रदर्शन ने भारत के पदक अभियान को नई ऊंचाई प्रदान की।
पैरा एथलीटों का ऐतिहासिक प्रदर्शन
भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने भी इतिहास रचते हुए 3 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य सहित कुल 7 पदक अपने नाम किए। राष्ट्रमंडल खेलों में यह भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ पैरा प्रदर्शन माना जा रहा है।
एथलेटिक्स और जूडो में भी सफलता
एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक जीते। वहीं जूडो में भी भारत को ऐतिहासिक स्वर्ण पदक हासिल हुए। इन उपलब्धियों ने भारतीय दल के कुल पदक अभियान को और मजबूत बनाया।
2026 राष्ट्रमंडल खेलों की विशेषताएँ
आयोजन स्थल – ग्लासगो, स्कॉटलैंड
आयोजन अवधि – 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026
कुल 10 खेलों में प्रतियोगिताएं
पैरा खेलों को भी प्रमुख स्थान
समापन समारोह में 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का औपचारिक हस्तांतरण अहमदाबाद (भारत) को किया जाएगा।
भारत की बढ़ती खेल शक्ति
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस बार भी भारतीय खिलाड़ियों ने यह साबित किया है कि देश अब केवल पारंपरिक खेलों तक सीमित नहीं है, बल्कि मुक्केबाजी, जूडो, पैरा एथलेटिक्स, एथलेटिक्स और अन्य खेलों में भी विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 भारत के लिए यादगार साबित हो रहे हैं। भारतीय खिलाड़ियों के साहस, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन ने देशवासियों का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। खेलों के समापन तक भारत से पदकों की संख्या में और वृद्धि की उम्मीद की जा रही है।