आप नेता संजय सिंह
दिल्ली/लखनऊ, 19 अगस्त 2026। आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित जमीन घोटाले के मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा को विशेष जांच दल (SIT) की ओर से कथित तौर पर ‘क्लीन चिट’ दिए जाने की खबरों पर सवाल उठाए हैं। आप की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, संजय सिंह ने SIT अध्यक्ष किरन यस को पत्र लिखकर मामले से संबंधित 26 दस्तावेज जांच दल को सौंपने के लिए 20 से 23 अगस्त के बीच मिलने का समय मांगा है।
संजय सिंह ने दावा किया है कि उनके पास पहले सौंपे गए 13 दस्तावेजों के अतिरिक्त 13 नए दस्तावेज भी हैं। उनका कहना है कि इन दस्तावेजों को जांच में शामिल किया जाना आवश्यक है, ताकि मामले की पूरी तस्वीर सामने आ सके।
‘सुप्रीम कोर्ट स्टेटस रिपोर्ट मांग रहा है, फिर क्लीन चिट कैसे?’
संजय सिंह ने मीडिया में प्रकाशित अलग-अलग खबरों का हवाला देते हुए SIT की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाया। उनके अनुसार, एक रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा को SIT की ओर से क्लीन चिट दिए जाने की बात कही गई है, जबकि दूसरी खबर में सुप्रीम कोर्ट द्वारा SIT को जांच जल्द पूरी कर स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जाने का उल्लेख है।
संजय सिंह ने सवाल उठाया कि यदि मामला अभी सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष है और SIT से स्टेटस रिपोर्ट मांगी जा रही है, तो आरोपियों को क्लीन चिट दिए जाने की खबरें किस आधार पर सामने आईं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए और जांच की वास्तविक प्रगति सार्वजनिक होनी चाहिए।
जमीन सौदों को लेकर लगाए गंभीर आरोप
आप की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, संजय सिंह ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े जमीन सौदों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि पूर्व में SIT को 13 दस्तावेज सौंपे गए थे, जिनमें विभिन्न जमीन सौदों से संबंधित जानकारी और दस्तावेज शामिल हैं।
संजय सिंह का आरोप है कि चंपत राय के हस्ताक्षर वाले दस्तावेज इन सौदों में कथित अनियमितताओं की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने दावा किया कि 2 करोड़ रुपये की जमीन कथित तौर पर कुछ ही मिनटों के अंतराल में 18.5 करोड़ रुपये में खरीदी गई। इसके अलावा उन्होंने 9 करोड़ रुपये की जमीन 55 करोड़ रुपये तथा 1.73 करोड़ रुपये की जमीन 24 करोड़ रुपये में खरीदे जाने का भी आरोप लगाया।
हालांकि, ये सभी आरोप आम आदमी पार्टी और संजय सिंह द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की जा रही है।
SIT अध्यक्ष को पत्र, 26 दस्तावेज सौंपने की पेशकश
संजय सिंह ने SIT अध्यक्ष किरन यस को भेजे पत्र में कहा है कि उनके पास मामले से संबंधित कुल 26 दस्तावेज हैं। इनमें 13 दस्तावेज पहले जांच एजेंसी को दिए जा चुके हैं, जबकि 13 अन्य दस्तावेज उनके अनुसार नए साक्ष्य के रूप में उपलब्ध हैं।
उन्होंने SIT से अनुरोध किया है कि 20 से 23 अगस्त के बीच उन्हें मिलने का समय दिया जाए, ताकि वे सभी दस्तावेज जांच दल को उपलब्ध करा सकें। संजय सिंह का कहना है कि ये दस्तावेज मामले की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं और जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने में मदद कर सकते हैं।
‘मुख्य आरोपियों को क्लीन चिट देना राम भक्तों के साथ विश्वासघात’
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि चंपत राय और अनिल मिश्रा इस पूरे प्रकरण के प्रमुख आरोपी हैं और उनके अनुसार इनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कथित चंदा, आभूषण और निर्माण कार्य से जुड़ी अनियमितताओं के भी आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर के नाम पर श्रद्धालुओं से प्राप्त धन से जुड़े किसी भी कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। संजय सिंह ने कहा कि यदि गंभीर आरोपों की जांच किए बिना किसी को क्लीन चिट दी जाती है तो इससे राम भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी।
‘जांच सही नहीं हुई तो सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा’
संजय सिंह ने कहा कि वह SIT की जांच में सहयोग करना चाहते हैं और इसी उद्देश्य से उन्होंने जांच अध्यक्ष से मिलने का समय मांगा है। उन्होंने कहा कि उनके पास मौजूद दस्तावेजों को जांच में शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी ओर से उपलब्ध कराए जा रहे दस्तावेजों और साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो वह इन दस्तावेजों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य कथित भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराना है।
लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस का ऐलान
संजय सिंह ने घोषणा की कि वह 20 अगस्त को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले से जुड़े तथ्यों और अपने पास मौजूद दस्तावेजों के संबंध में जानकारी सार्वजनिक करेंगे। उन्होंने कहा कि इस दौरान वह पहले SIT को दिए गए दस्तावेजों पर हुई कार्रवाई और जांच की प्रगति से जुड़े सवाल भी उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े जमीन सौदों का मामला बेहद संवेदनशील है और पूरे देश की नजर इस जांच पर है। संजय सिंह ने कहा कि वह इस मामले को लेकर उपलब्ध दस्तावेजों और आरोपों को जांच एजेंसी के सामने रखते रहेंगे तथा जरूरत पड़ने पर न्यायिक मंच का भी रुख करेंगे।