मानसून सत्र से पहले बुलाई गई सर्व दलीय बैठक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को विधान भवन, लखनऊ में आगामी विधानसभा मानसून सत्र के सफल एवं सुचारु संचालन के संबंध में सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, विधानसभा एवं विधान परिषद् के पदाधिकारियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक का उद्देश्य आगामी मानसून सत्र को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप संचालित करना तथा जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा सुनिश्चित करना था। मुख्यमंत्री ने सभी दलों से सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां जनता की समस्याओं, विकास योजनाओं और राज्य के भविष्य से जुड़े विषयों पर गंभीर एवं रचनात्मक चर्चा होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार सदन में उठाए जाने वाले प्रत्येक जनहित के मुद्दे पर उत्तर देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है तथा स्वस्थ संवाद और रचनात्मक बहस लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाती है।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग दें, ताकि जनता से जुड़े अधिकाधिक विषयों पर चर्चा हो सके और आवश्यक विधायी कार्य समयबद्ध ढंग से संपन्न किए जा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास, सुशासन और जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों एवं नीतिगत विषयों पर भी मानसून सत्र के दौरान चर्चा की जाएगी।
बैठक में संसदीय कार्यों की रूपरेखा, सदन की कार्यवाही के संचालन, विधायी कार्यक्रम तथा विभिन्न प्रशासनिक तैयारियों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान संसदीय परंपराओं के पालन, सदन की गरिमा बनाए रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक में उपस्थित विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव रखे तथा आगामी मानसून सत्र को प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए सहयोग का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी दलों के सहयोग से विधानसभा का मानसून सत्र सकारात्मक, परिणामोन्मुख और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास तथा जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और सदन में प्रत्येक विषय पर लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप चर्चा का स्वागत करती है।