यूपी प्रेस क्लब और उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के 172वें सृजन सम्मान समारोह में साहित्य और पर्यावरण संरक्षण का संगम
लखनऊ। यूपी प्रेस क्लब एवं उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 172वें सृजन सम्मान समारोह में वरिष्ठ हास्य कवि डॉ. डंडा लखनवी तथा गोमती सफाई अभियान से जुड़े समर्पित कार्यकर्ता रिद्धि किशोर गौड़ को सृजन सम्मान से सम्मानित किया गया। साहित्य, हास्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़े इस विशेष आयोजन में साहित्यकारों, कवियों और साहित्य प्रेमियों की मौजूदगी रही।
डॉ. डंडा लखनवी और रिद्धि किशोर गौड़ को सम्मान
समारोह में वरिष्ठ हास्य कवि डॉ. डंडा लखनवी तथा गोमती सफाई अभियान में लंबे समय से सक्रिय रिद्धि किशोर गौड़ को हसीब सिद्दीकी, सर्वेश अस्थाना, शिवशरण सिंह, मुकुल महान एवं डॉ. सुभाष गुरुदेव ने सम्मान प्रदान किया।
आयोजकों के अनुसार इस बार का सृजन समारोह साहित्य के साथ सामाजिक सरोकारों को भी केंद्र में रखने के कारण विशेष रहा। एक ओर जहां डॉ. डंडा लखनवी ने हास्य और साहित्य के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है, वहीं रिद्धि किशोर गौड़ पर्यावरण एवं जल संरक्षण से जुड़े कार्यों के लिए सक्रिय रहे हैं।
रिद्धि किशोर गौड़ ने बताए जल संरक्षण के उपाय
सम्मान प्राप्त करने के बाद रिद्धि किशोर गौड़ ने जल संरक्षण और पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे। उन्होंने जल संचयन के विभिन्न तरीकों तथा जल को प्रदूषण से मुक्त रखने के उपायों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की भागीदारी से ही जल स्रोतों को सुरक्षित रखा जा सकता है। जल की बर्बादी रोकने, वर्षा जल के संचयन और जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
कवि सम्मेलन ने बांधा साहित्यिक समां
सम्मान समारोह के बाद कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन का संयोजन एवं संचालन अरविंद झा ने किया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता सच्चिदानंद शलभ ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ राजीव वर्मा वत्सल की वाणी वंदना से हुआ।
इसके बाद देश-प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों ने अपने मुक्तकों की शानदार प्रस्तुतियों से श्रोताओं को साहित्य और काव्य की विविध रंगों से परिचित कराया। हास्य, व्यंग्य, संवेदना और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुक्तकों ने समारोह के वातावरण को रसमय बना दिया।
बड़ी संख्या में कवियों ने प्रस्तुत किए मुक्तक
कवि सम्मेलन में रवि शंकर रवि, प्रभात शंकर, मधु पाठक मांझी, रश्मि शरद, तमाचा लखनवी, प्रतिभा श्रीवास्तव, सुरभि सिंह, प्रमोद श्रीवास्तव, विशाल श्रीवास्तव, योगी योगेश शुक्ल, डॉ. सुभाष रसिया, विजय अग्रहरि आलोक, प्रभा अरोरा, विजय तन्हा, ठेठ लखनवी, रणवीर बहादुर, सरल तिलहरी, नीलम दीक्षित, अनिता सुधीर, प्रो. जहाँ आरा, अनिता अरोरा, प्रवीण आवारा, गंगेश मिश्र, मधुकर नाथ, शकुंतला श्रीवास्तव, पूर्णिमा भसीन और डॉ. राकेश प्रताप सिंह सहित अनेक कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
कवियों की प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं। विभिन्न भावों और विषयों पर प्रस्तुत मुक्तकों ने साहित्यिक माहौल को जीवंत बनाए रखा।
साहित्य के साथ सामाजिक सरोकारों को भी मंच
इस आयोजन की खास बात यह रही कि साहित्यिक गतिविधियों के साथ पर्यावरण और जल संरक्षण जैसे सामाजिक विषयों को भी मंच मिला। रिद्धि किशोर गौड़ के माध्यम से जल संरक्षण और गोमती सफाई अभियान से जुड़े प्रयासों को सम्मानित किए जाने से समारोह का सामाजिक पक्ष भी प्रमुखता से सामने आया।
आयोजकों ने कहा कि साहित्य समाज को दिशा देने और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से साहित्यकारों के साथ समाज के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को भी प्रोत्साहित किया जाना महत्वपूर्ण है।
मुकुल महान ने किया धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में मुकुल महान ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने सम्मान समारोह में उपस्थित अतिथियों, साहित्यकारों, कवियों और श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया तथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया।
172वां सृजन सम्मान समारोह साहित्य, हास्य, काव्य और सामाजिक सरोकारों के सुंदर समन्वय के रूप में यादगार रहा।