कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ करते मुख्य अतिथि
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू), मेरठ में सोमवार को युवाओं को नशे की लत से दूर रखने और विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत – संकल्प अभियान” का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर स्थित सुभाष चंद्र बोस परीक्षा गृह में गरिमामय वातावरण में हुआ, जहां माननीय प्रधानमंत्री के राष्ट्रव्यापी लाइव प्रसारण का सामूहिक रूप से अवलोकन किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए नशा मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी सकारात्मक भूमिका को सुदृढ़ करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं सम्मान के साथ हुआ। मंच संचालन के दौरान सभी विशिष्ट अतिथियों का पारंपरिक तरीके से अभिनंदन किया गया और उन्हें मंचासीन कराया गया।
विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर हरे कृष्ण ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा वर्ग नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर अपनी ऊर्जा शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान और राष्ट्र सेवा में लगाएगा। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी बाधा उत्पन्न करता है। इसलिए प्रत्येक युवा का दायित्व है कि वह स्वयं भी नशे से दूर रहे और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करे।

राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. डी.के. चौहान ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों से अनुशासित एवं स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा युवाओं की प्रतिभा और भविष्य दोनों को प्रभावित करता है। यदि युवा वर्ग अपनी क्षमता का सही दिशा में उपयोग करे तो भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल हो सकता है।
मुख्य कुलानुशासक प्रोफेसर वीरपाल सिंह ने अपने प्रेरणादायी एवं आध्यात्मिक विचारों में कहा कि नशा मुक्ति केवल शारीरिक स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धता का भी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मसंयम, सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यवाहक कुलसचिव प्रोफेसर भूपेंद्र सिंह ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को ध्यान के माध्यम से अंतर्मन की चेतना को जागृत एवं सशक्त बनाने का अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि मानसिक संतुलन और आत्मनियंत्रण ही नशे जैसी प्रवृत्तियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यूरोसाइकियाट्रिस्ट डॉ. रवि राणा ने विभिन्न प्रकार के नशे, उनके मानसिक एवं शारीरिक दुष्प्रभावों तथा उनसे बचाव के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नशे की लत धीरे-धीरे व्यक्ति की निर्णय क्षमता, मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक जीवन और पारिवारिक संबंधों को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। उन्होंने युवाओं से किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर समय रहते चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर भूपेंद्र सिंह ने सभी उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत – संकल्प अभियान” की शपथ दिलाई। सभी प्रतिभागियों ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा समाज में नशा मुक्ति का संदेश फैलाने का संकल्प लिया।
इसके बाद प्रेक्षागृह में उपस्थित सभी लोगों ने प्रधानमंत्री के लाइव संबोधन को ऑनलाइन माध्यम से देखा और सुना। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में डॉ. संदीप अग्रवाल, डॉ. आराधना, डॉ. गार्गी, डॉ. रजनी श्रीवास्तव, डॉ. निर्लेप कौर, डॉ. वंदना, डॉ. प्रिया, डॉ. प्रदीप, डॉ. सी.पी. सिंह, डॉ. अलका तिवारी, डॉ. कुलदीप सिंह मलिक, डॉ. अंजली शर्मा, करतार सिंह, नेहा राजपूत, प्रियांशी भारद्वाज, आकांक्षा, संघमित्रा, स्वाति सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. के.के. शर्मा ने किया। अंत में डॉ. डी.के. चौहान, कार्यक्रम समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना ने सभी अतिथियों, आयोजकों, प्रतिभागियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ।
यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि युवाओं के मन में नशा मुक्त जीवन और विकसित भारत के निर्माण के प्रति नई चेतना एवं संकल्प जगाने का प्रभावी माध्यम बना।