मेरठ कॉलेज मेरठ
मेरठ। युवाओं को नशे से दूर रखने और स्वस्थ, जागरूक व विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मेरठ कॉलेज में शनिवार को “नशा मुक्ति युवा विकसित भारत संकल्प अभियान” के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। डॉ. रामकुमार गुप्ता सभागार में हुए इस आयोजन में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने भाग लेकर नशामुक्त भारत का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ, अनुशासित जीवनशैली व राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
युवाओं की ऊर्जा को नशे से बचाना समय की आवश्यकता
मुख्य वक्ता प्रो. अनीता मोरल ने कहा कि नशा आज युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और भविष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। यह व्यक्ति के साथ परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि मानसिक तनाव, गलत संगति, सामाजिक दबाव और मीडिया में नशे का सामान्यीकरण युवाओं को इसकी ओर आकर्षित कर रहा है। ऐसे में परिवार और शिक्षण संस्थानों की भूमिका और बढ़ जाती है।
प्रो. मोरल ने विद्यार्थियों से योग, खेल, साहित्य और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “नशामुक्त युवा ही विकसित भारत का आधार है।”
शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण पर जोर
प्राचार्य प्रो. युद्धवीर सिंह ने कहा कि युवाओं का नशामुक्त और अनुशासित होना आवश्यक है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण भी है।
उन्होंने कहा कि कॉलेज विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ स्वस्थ जीवनशैली और नैतिक मूल्यों के लिए प्रेरित करता है तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान किया।
नशामुक्त भारत का संकल्प
कार्यक्रम में सभी ने नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि युवा इस अभियान को जनआंदोलन बनाएं तो नशे की समस्या से बचाव संभव है।
विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी भी दी गई।
उपस्थिति
इस अवसर पर चंद्रशेखर भारद्वाज, राजीव कुमार, अर्चना सिंह, सीमा पंवार एवं अनिल राठी सहित शिक्षक व कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने युवाओं से नशामुक्त जीवन अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि ऐसे अभियान युवाओं को सही दिशा देकर एक स्वस्थ और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।