सांसद पप्पू यादव का पुतला फूंकते बजरंग दल कार्यकर्ता
मेरठ। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) एवं बजरंग दल, मेरठ महानगर ने पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव द्वारा संसद परिसर में किए गए एक राजनीतिक प्रदर्शन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संगठन ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान संत समाज, भगवा परंपरा और सनातन धर्म के धार्मिक प्रतीकों का जिस प्रकार उपयोग किया गया, उससे करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसी विरोध में मंगलवार को मेरठ में विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए सांसद पप्पू यादव का पुतला फूंका और अपना आक्रोश व्यक्त किया।
बजरंग दल के महानगर संयोजक हिमांशु शर्मा ने कहा कि संसद परिसर में हुए प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव भगवा वस्त्र, पगड़ी और माथे पर त्रिपुंड लगाए हुए दिखाई दिए। उनके साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव सहित विपक्ष के अन्य सांसद भी मौजूद थे। उनका कहना है कि इस प्रदर्शन में राम मंदिर के चंदे के कथित दुरुपयोग के मुद्दे को उठाने के लिए एक प्रतीकात्मक नाटकीय प्रस्तुति दी गई, जिसमें दान पेटी और भगवान श्रीराम की तस्वीर का भी उपयोग किया गया।
हिमांशु शर्मा के अनुसार प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने प्रतीकात्मक रूप से दान पेटी में पैसे डाले, जिन्हें पप्पू यादव ने अपनी जेब में रखने का अभिनय किया। इसके बाद “चोर-चोर” के नारे लगाए गए तथा समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद द्वारा प्रतीकात्मक रूप से पप्पू यादव का गिरेबान पकड़ने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। विहिप और बजरंग दल का आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम में धार्मिक प्रतीकों और संतों की वेशभूषा का राजनीतिक उद्देश्य से इस्तेमाल किया गया, जो अनुचित और आपत्तिजनक है।
“संत समाज और सनातन परंपरा का अपमान”
हिमांशु शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीराम, संत समाज और हिंदू आस्था के प्रतीकों को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का माध्यम बनाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। उनका आरोप है कि इस प्रदर्शन के माध्यम से संतों की छवि धूमिल करने और सनातन परंपरा का उपहास करने का प्रयास किया गया, जिसकी बजरंग दल कड़ी निंदा करता है।
उन्होंने कहा कि भगवा वस्त्र, त्रिपुंड और दान पेटी जैसे पवित्र धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक नाटक में उपयोग करना संत समाज और सनातन धर्म का अपमान है। इससे न केवल हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि संतों की गरिमा को भी ठेस पहुंची है।
“ऐसे कृत्य बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे”
बजरंग दल के महानगर संयोजक ने कहा कि संत समाज भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का मार्गदर्शक है। उनके वेश और धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग करना निंदनीय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी हिंदू समाज की आस्था और संत परंपरा का इस प्रकार अपमान करने का प्रयास किया गया तो बजरंग दल उसका लोकतांत्रिक और कठोर विरोध करेगा।
कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध
मेरठ में आयोजित विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में विहिप एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान सांसद पप्पू यादव के खिलाफ नारेबाजी की गई तथा उनका पुतला दहन कर संगठन की नाराजगी व्यक्त की गई।
इस अवसर पर महानगर साप्ताहिक मिलन प्रमुख उज्ज्वल तायल, महानगर विद्यार्थी प्रमुख विशाल धानक, महानगर संयोजिका पायल, प्रखंड संयोजिका पूजा गुप्ता, मीनाक्षी, प्रिंस, देव वर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।