उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान पाने वाले बुलंदशहर के सी.ओ प्रखर पांडे
मेरठ। नेटग्रिड (NATGRID) के गाण्डीव पोर्टल के प्रभावी उपयोग के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। जुलाई 2026 के दौरान गाण्डीव पोर्टल का सर्वाधिक उपयोग करने वाले उत्तर प्रदेश के टॉप-5 अधिकृत अधिकारियों (Top 5 Authorized Officers) की सूची में मेरठ परिक्षेत्र के दो अधिकारियों ने पहला और दूसरा स्थान हासिल कर मेरठ रेंज का गौरव बढ़ाया है।
जारी सूचना के अनुसार, जनपद बुलंदशहर के क्षेत्राधिकारी नगर (सीओ सिटी) प्रखर पाण्डेय ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जबकि मेरठ के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अभिजीत कुमार (आईपीएस) ने द्वितीय स्थान हासिल किया है।

जुलाई 2026 के प्रदर्शन में मेरठ परिक्षेत्र का दबदबा
नेटग्रिड, नई दिल्ली तथा पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में गाण्डीव पोर्टल के उपयोग की नियमित समीक्षा की जाती है। जुलाई 2026 के आंकड़ों के आधार पर जारी रैंकिंग में मेरठ परिक्षेत्र के दो अधिकारियों का शीर्ष दो स्थानों पर रहना उनकी कार्यकुशलता और तकनीक के प्रभावी उपयोग को दर्शाता है।
गाण्डीव पोर्टल का उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच सूचनाओं के समन्वय को मजबूत करना तथा अपराधों की रोकथाम एवं जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है। ऐसे में अधिकारियों द्वारा पोर्टल का अधिकतम उपयोग पुलिसिंग को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने की सराहना
मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) कलानिधि नैथानी ने दोनों अधिकारियों की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए उनके कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित पुलिसिंग वर्तमान समय की आवश्यकता है और गाण्डीव पोर्टल जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग अपराध नियंत्रण, खुफिया सूचना के आदान-प्रदान और त्वरित कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सभी अधिकारियों को दिए अधिक उपयोग के निर्देश
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने मेरठ परिक्षेत्र के सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे नेटग्रिड के गाण्डीव पोर्टल का अधिक से अधिक उपयोग करें तथा तकनीकी संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल कर पुलिस कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं परिणामोन्मुख बनाएं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का बेहतर उपयोग न केवल अपराधों की रोकथाम में सहायक होगा, बल्कि जांच की गुणवत्ता और पुलिस की कार्यक्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार लाएगा।
गाण्डीव पोर्टल से मजबूत हो रही तकनीक आधारित पुलिसिंग
गाण्डीव पोर्टल के माध्यम से विभिन्न सुरक्षा एवं जांच एजेंसियों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान संभव होता है। इससे संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी, अपराधियों की पहचान, जांच प्रक्रिया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस को महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। मेरठ परिक्षेत्र के अधिकारियों की यह उपलब्धि प्रदेश में तकनीक आधारित पुलिसिंग को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
मुख्य बिंदु
- नेटग्रिड के गाण्डीव पोर्टल के उपयोग में मेरठ परिक्षेत्र के अधिकारियों का शानदार प्रदर्शन।
- बुलंदशहर के सीओ सिटी प्रखर पाण्डेय ने उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
- मेरठ के एसपी ग्रामीण अभिजीत कुमार (आईपीएस) दूसरे स्थान पर रहे।
- डीआईजी कलानिधि नैथानी ने दोनों अधिकारियों की सराहना की।
- मेरठ रेंज के सभी पुलिस अधिकारियों को गाण्डीव पोर्टल का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए गए।
- तकनीक आधारित पुलिसिंग को मजबूत बनाने की दिशा में मेरठ परिक्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि।