बुनकर सेवा केंद्र का निरीक्षण करते मेरठ जिलाधिकारी डॉ. वी के सिंह
मेरठ। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हथकरघा) के अधीन संचालित बुनकर सेवा केंद्र, मेरठ में शुक्रवार को 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मेरठ मंडल सहित विभिन्न जनपदों के बुनकरों, विद्यार्थियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर भारतीय हथकरघा की समृद्ध परंपरा, स्थानीय बुनकरों की उत्कृष्ट शिल्पकला और आधुनिक डिजाइनों का आकर्षक प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह (आईएएस) रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती नूपुर गोयल (आईएएस) तथा अपर आयुक्त उद्योग श्री उमेश कुमार सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ।
हथकरघा उत्पादों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि एवं अन्य अधिकारियों ने विभिन्न जनपदों से आए बुनकरों द्वारा लगाए गए हथकरघा उत्पादों के स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने ललितपुर की पारंपरिक साड़ियों, आगरा की हस्तनिर्मित दरियों, बागपत की बेडशीटों सहित अनेक उत्पादों की गुणवत्ता और कलात्मकता की सराहना की।
जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के हथकरघा उत्पाद अपनी विशिष्ट पहचान और सांस्कृतिक विरासत के कारण देश-विदेश में लोकप्रिय हैं। यदि इन्हें आधुनिक डिज़ाइन, बेहतर पैकेजिंग और प्रभावी विपणन से जोड़ा जाए तो बुनकरों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
बुनकर सेवा केंद्र की गतिविधियों का किया निरीक्षण
जिलाधिकारी ने बुनकर सेवा केंद्र के प्रोसेसिंग सेक्शन, डिज़ाइन सेक्शन और डिज़ाइन रिसोर्स सेंटर (DRC) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं, डिजाइन विकास, रंगाई-प्रिंटिंग और उत्पाद निर्माण की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि केंद्र के माध्यम से बुनकरों को आधुनिक तकनीकों, नए डिजाइनों और प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
गुणवत्ता और नवाचार पर दिया विशेष जोर
अपने संबोधन में जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने कहा कि हथकरघा केवल वस्त्र निर्माण का माध्यम नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक कला का प्रतीक है। उन्होंने बुनकरों से अपील की कि वे समय के साथ बदलती बाजार की मांग के अनुरूप अपने उत्पादों में गुणवत्ता, नवाचार और आधुनिक तकनीकों को अपनाएं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। ऐसे में डिजाइन, गुणवत्ता और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान देकर भारतीय हथकरघा उत्पादों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने बुनकरों से सरकार की विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का भी आह्वान किया।
विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर के.एल. इंटरनेशनल स्कूल और सेंट फ्रांसिस वर्ल्ड स्कूल के विद्यार्थियों के बीच आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। अधिकारियों ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता और भारतीय हस्तशिल्प के प्रति उनकी रुचि की सराहना की।
नई पहल और विशेष लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण पहल भी की गईं। एम/एस बंसल टेक्सटाइल्स द्वारा तैयार हथकरघा कैनवास पेंटिंग का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा एम/एस मास्टर वीवर्स को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के जीआई बागपत फर्निशिंग लोगो का लोकार्पण भी मुख्य अतिथि द्वारा किया गया।
हथकरघा कैनवास पेंटिंग एवं हॉर्स पेंटिंग प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
हथकरघा रैंप वॉक ने जीता सभी का दिल
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक आयोजन हथकरघा रैंप वॉक रहा। इसमें मेरठ क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जनपदों की पारंपरिक हथकरघा साड़ियों और वस्त्रों का भव्य प्रदर्शन किया गया। मॉडलों ने पारंपरिक परिधानों के माध्यम से भारतीय हथकरघा की समृद्ध विरासत, स्थानीय बुनकरों की उत्कृष्ट कला और विविध डिजाइनों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
रैंप वॉक को उपस्थित अतिथियों और दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक पीढ़ी को भारतीय हथकरघा परंपरा से जोड़ना और स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाना था।
बुनकरों को मिलेगा नई पहचान का अवसर
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि बुनकरों के सम्मान, उनकी कला के संरक्षण और उनके आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर है। सरकार लगातार ऐसी योजनाओं पर कार्य कर रही है, जिनसे बुनकरों को आधुनिक प्रशिक्षण, डिजाइन विकास, विपणन और तकनीकी सहायता उपलब्ध हो सके।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे अधिकारी, बुनकर और विद्यार्थी
कार्यक्रम में बुनकर सेवा केंद्र, मेरठ के उप निदेशक श्री तपन शर्मा, सहायक निदेशक श्री सुरेन्द्र सिंह, टेक्सटाइल डिज़ाइनर सुश्री सुप्रिया द्विवेदी, टेक्निकल सुपरिंटेंडेंट श्रीमती वैशाली तिवारी, टेक्निकल सुपरिंटेंडेंट श्री वसीम अहमद सहित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में बुनकर, विद्यार्थी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का यह आयोजन भारतीय हथकरघा उद्योग की समृद्ध विरासत, स्थानीय कारीगरों की प्रतिभा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उनके योगदान को समर्पित रहा।