तेंदुए की गतिविधियों को लेकर क्षेत्रीय लोगों से वार्ता करते वन विभाग के अधिकारी
मेरठ। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग ने हस्तिनापुर वन क्षेत्र में विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। शुक्रवार को मेरठ के वन संरक्षक श्री आदर्श कुमार तथा सामाजिक वानिकी प्रभाग मेरठ की प्रभागीय निदेशक सुश्री वंदना फोगाट ने हस्तिनापुर वन क्षेत्र के तेंदुआ प्रभावित इलाकों, विशेष रूप से खेती मनिहार क्षेत्र एवं कांवड़ मार्ग का गहन स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, तेंदुए की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखना तथा संभावित मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति को रोकना था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कांवड़ मार्ग पर होगा लेपर्ड रिपेलेंट स्प्रे का छिड़काव
वन संरक्षक श्री आदर्श कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ मार्ग से सटे वन क्षेत्रों के किनारों पर लेपर्ड रिपेलेंट स्प्रे (Leopard Repellent Spray) का नियमित छिड़काव कराया जाए। इसका उद्देश्य तेंदुए को मानव गतिविधियों वाले क्षेत्रों से दूर रखना है, ताकि कांवड़ यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि कांवड़ मार्ग और उसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित एवं प्रभावी गश्त जारी रखी जाए तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी के निर्देश
प्रभागीय निदेशक सुश्री वंदना फोगाट ने वनकर्मियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा समाप्त होने तक संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि यदि तेंदुए की गतिविधि से संबंधित कोई भी सूचना प्राप्त होती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाए।
उन्होंने कहा कि वन विभाग की टीमें पूरी तरह सतर्क हैं और सभी अधिकारी एवं कर्मचारी क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहकर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं।
ग्रामीणों और कांवड़ यात्रियों को किया जा रहा जागरूक
क्षेत्रीय वन अधिकारी श्रीमती खुशबू उपाध्याय के निर्देशन में हस्तिनापुर वन विभाग की टीम लगातार जन-जागरूकता अभियान चला रही है। वन विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर लोगों को तेंदुए से बचाव के उपायों की जानकारी दे रहे हैं। इसके साथ ही नियमित गश्त, तेंदुए की खोज और उसकी गतिविधियों की निगरानी भी लगातार जारी है।
वन विभाग ने ग्रामीणों और कांवड़ यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना या अफवाह पर विश्वास न करें और यदि कहीं तेंदुए के दिखाई देने की जानकारी मिले तो तत्काल वन विभाग को सूचित करें।
मुजफ्फरनगर की दिशा में बढ़ने की सूचना
वन विभाग को प्राप्त प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार तेंदुए की गतिविधि मुजफ्फरनगर जनपद की दिशा में भूमा क्षेत्र की ओर होने की जानकारी मिली है। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन सूचनाओं का सत्यापन किया जा रहा है और तेंदुए की वास्तविक गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
वन अधिकारियों का कहना है कि निगरानी टीम लगातार क्षेत्र में सक्रिय है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
वन विभाग की टीम लगातार कर रही गश्त
निरीक्षण के दौरान वन विभाग की टीम भी मौजूद रही। इस दौरान वनकर्मी अंकित यादव, ऋषभ सिंह, अतुल स्वामी, राजेश्वर, खुशीराम, धर्मेंद्र ढाका सहित अन्य कर्मचारी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए मौजूद रहे।
वन विभाग की टीमें दिन और रात दोनों समय गश्त कर रही हैं ताकि कांवड़ मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही पूरी तरह सुरक्षित बनी रहे।
वन विभाग ने जारी की महत्वपूर्ण एडवाइजरी
प्रभागीय निदेशक सुश्री वंदना फोगाट ने कांवड़ यात्रियों और स्थानीय नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि सभी लोग सतर्क रहें और जंगल के किनारे अनावश्यक रूप से न रुकें। उन्होंने विशेष रूप से रात के समय अकेले जंगल की ओर जाने से बचने की सलाह दी।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं तेंदुआ दिखाई दे तो उसके पास जाने, उसका पीछा करने या भीड़ एकत्र करने का प्रयास न करें। ऐसी किसी भी घटना की सूचना तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें, ताकि विशेषज्ञ टीम समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर सके।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
वन विभाग का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु हस्तिनापुर क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। ऐसे में वन्यजीवों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। विभाग का उद्देश्य मानव और वन्यजीव के बीच किसी भी प्रकार के संघर्ष को रोकना तथा श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित और निर्बाध बनाए रखना है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि पूरी टीम लगातार क्षेत्र में सक्रिय है और स्थिति पर हर समय नजर रखी जा रही है।