भंडारे के दौरान कार सेवा करते शिवकुमार गिरी
मेरठ। पवित्र सावन माह और कांवड़ यात्रा के अवसर पर कांवड़ियों एवं शिवभक्तों की सेवा के लिए श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास पर दौराला के समीप विशाल भंडारा, हवन-पूजन एवं चिकित्सा शिविर का भव्य शुभारंभ किया गया। शिवरात्रि तक चलने वाले इस सेवा अभियान में कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं के लिए भोजन, विश्राम तथा चिकित्सा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
भंडारे और चिकित्सा शिविर का शुभारंभ संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि के पिता श्री शिव कुमार गिरि, मुख्य सेवादार आचार्य पंडित दीपक शर्मा, डॉ. पंकज चौधरी, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा सहित अन्य अतिथियों ने विधिवत पूजा-अर्चना, दीप प्रज्ज्वलन एवं फीता काटकर किया।
महादेव की पूजा-अर्चना के साथ सेवा अभियान का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान आशुतोष की प्रतिमा के समक्ष विधिवत पूजा-अर्चना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद हवन का आयोजन किया गया, जिसमें संस्थान परिवार से जुड़े लोगों ने आहुति देकर विश्व कल्याण, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि ने सपरिवार एवं वेंक्टेश्वरा परिवार के साथ भगवान महादेव की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान शिव से विश्व कल्याण की प्रार्थना करते हुए कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों की सेवा को धार्मिक एवं सामाजिक दायित्व बताया।
पूजा-अर्चना के बाद सेवा शिविर का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
21वां विशाल कांवड़ सेवा भंडारा
श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान की ओर से दौराला के समीप आयोजित यह 21वां विशाल भंडारा एवं चिकित्सा शिविर है। आयोजकों के अनुसार शिवरात्रि तक चलने वाले इस सेवा अभियान में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को लगातार भोजन एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
भंडारे के शुभारंभ के अवसर पर बड़ी संख्या में शिवभक्तों और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों के अनुसार आने वाले दिनों में भी कांवड़ यात्रा मार्ग से गुजरने वाले श्रद्धालुओं के लिए सेवा निरंतर जारी रहेगी।
चिकित्सा शिविर में कांवड़ियों को मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा
कांवड़ यात्रा के दौरान लंबी दूरी तय करने वाले शिवभक्तों को थकान, पैरों में दर्द, चोट, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए सेवा शिविर में चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था भी की गई है।
चिकित्सा शिविर के माध्यम से जरूरतमंद कांवड़ियों को प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि यात्रा के दौरान उन्हें तत्काल चिकित्सा सहयोग मिल सके।
शिवभक्तों के लिए भोजन और सेवा की व्यवस्था
भंडारे में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए भोजन एवं प्रसाद की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
आयोजकों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सेवा करना भगवान शिव की भक्ति का ही एक रूप है। इसी भावना के साथ शिवरात्रि तक सेवा कार्य जारी रखा जाएगा।
सुधीर गिरि बोले – महादेव की भक्ति जीवन को श्रेष्ठ मार्ग दिखाती है
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वेंक्टेश्वरा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि ने कहा कि भगवान महादेव का स्थान सभी देवताओं में सर्वोच्च माना जाता है। उन्होंने कहा कि शिव की भक्ति केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, ध्यान, बल, बुद्धि, शिक्षा, संस्कार और पुरुषार्थ के श्रेष्ठ मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि सावन माह में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है और कांवड़ियों की सेवा करना भी इसी धार्मिक भावना का हिस्सा है।
उन्होंने विश्व कल्याण की कामना करते हुए कहा कि महादेव की आराधना से समाज में सकारात्मक ऊर्जा, श्रद्धा और सेवा की भावना मजबूत होती है।
आचार्य पंडित दीपक शर्मा बोले—श्रद्धा और समर्पण ही महादेव को प्रिय
मुख्य सेवादार आचार्य पंडित दीपक शर्मा ने कहा कि भगवान भोलेनाथ से बड़ा कोई देव नहीं है। उन्होंने कहा कि महादेव अपने भक्तों से केवल श्रद्धा और समर्पण का भाव चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव की आराधना मनुष्य को अज्ञानता के अंधकार, भय, क्रोध, भ्रम, संदेह, मोह और लोभ जैसे बंधनों से मुक्त होकर ज्ञान, बल और बुद्धि के प्रकाश की ओर बढ़ने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कांवड़ियों की सेवा को पुण्य एवं मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन
भंडारा एवं पूजा कार्यक्रम के साथ सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया। धार्मिक वातावरण के बीच भगवान शिव की महिमा और भक्ति से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। इसके बाद बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
शिवरात्रि तक जारी रहेगा सेवा अभियान
वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान की ओर से आयोजित यह कांवड़ सेवा शिविर शिवरात्रि तक अनवरत रूप से जारी रहने की जानकारी दी गई है।
इस दौरान कांवड़ मार्ग से गुजरने वाले शिवभक्तों के लिए भंडारा और चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के साथ अन्य आवश्यक सहयोग भी प्रदान किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार सेवा शिविर का उद्देश्य कांवड़ियों को यात्रा के दौरान राहत प्रदान करना और धार्मिक आस्था के साथ मानव सेवा की भावना को मजबूत करना है।
ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में संस्थान के प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्ण कान्त दवे, कुलसचिव प्रो. पीयूष कुमार पाण्डेय, वित्त निदेशक युवराज सिंह, मेरठ परिसर निदेशक डॉ. पंकज सिंह, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा, मयंक अग्रवाल सहित संस्थान के अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
भक्ति के साथ सेवा का संदेश
सावन माह में आयोजित इस सेवा शिविर के माध्यम से श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान ने कांवड़ियों के लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ सेवा और स्वास्थ्य सहायता का संदेश दिया। दौराला बाईपास के समीप शुरू हुआ 21वां विशाल भंडारा एवं चिकित्सा शिविर शिवरात्रि तक कांवड़ियों और शिवभक्तों की सेवा में सक्रिय रहेगा।