पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
श्यामबाजार में TMC के कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने लगाए नारे
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी को लेकर राज्य की राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। मंगलवार को उत्तर कोलकाता के श्यामबाजार फाइव-पॉइंट क्रॉसिंग पर आयोजित TMC के कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने ममता बनर्जी के खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। नारेबाजी के कारण कार्यक्रम कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। मंगलवार की घटना पिछले तीन दिनों में ममता बनर्जी के खिलाफ सामने आया दूसरा विरोध है। इससे पहले 9 अगस्त को उत्तर 24 परगना जिले के हलीसहर में भी ममता बनर्जी के काफिले को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया था और उनके खिलाफ नारे लगाए गए थे। इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल में TMC और बीजेपी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गया है।
नेताजी पर टिप्पणी के विरोध में TMC का कार्यक्रम
श्यामबाजार में TMC की ओर से यह कार्यक्रम बीजेपी के राज्यसभा सांसद नागेंद्र रॉय, जिन्हें अनंत महाराज के नाम से भी जाना जाता है, की नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर की गई विवादित टिप्पणियों के विरोध में आयोजित किया गया था। ममता बनर्जी कार्यक्रम स्थल पर स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस का चित्र लेकर पहुंचीं। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का केंद्र नेताजी के योगदान और स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका को लेकर बीजेपी सांसद की टिप्पणियों का विरोध रहा। ताजा रिपोर्टों के अनुसार रॉय ने नेताजी को ‘वॉर क्रिमिनल’ बताते हुए उनके नेतृत्व और आजाद हिंद फौज की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
भाषण और कार्यक्रम के दौरान अचानक शुरू हुई नारेबाजी
श्यामबाजार फाइव-पॉइंट क्रॉसिंग पर कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और ममता बनर्जी के खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाने लगे।नारेबाजी के कुछ समय के लिए कार्यक्रम बाधित हुआ। मौके पर मौजूद सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग ले लिया है। TMC का आरोप है कि कार्यक्रम को बाधित करने और ममता बनर्जी को अपमानित करने के उद्देश्य से बीजेपी समर्थित लोगों ने जानबूझकर नारेबाजी कराई। हालांकि यह आरोप राजनीतिक दावे के रूप में सामने आया है और संबंधित पक्षों के बीच इसे लेकर मतभेद हैं।
नेताजी को ‘वॉर क्रिमिनल’ बताने पर विवाद
पूरे विवाद की शुरुआत बीजेपी के राज्यसभा सांसद नागेंद्र रॉय की नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज को लेकर की गई टिप्पणियों से हुई। रिपोर्टों के अनुसार रॉय ने नेताजी के नेतृत्व पर सवाल उठाए और आजाद हिंद फौज की भूमिका को लेकर भी विवादित टिप्पणी की। उन्होंने नेताजी को ‘वॉर क्रिमिनल’ तक बताया, जिसके बाद बंगाल में राजनीतिक विवाद तेज हो गया।नेताजी सुभाष चंद्र बोस बंगाल की राजनीतिक और सामाजिक चेतना में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। ऐसे में उनके बारे में की गई किसी भी विवादित टिप्पणी को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया स्वाभाविक रूप से तीखी रही है।
बीजेपी नेताओं ने बयान से दूरी बनाई
नागेंद्र रॉय की टिप्पणियों को लेकर पश्चिम बंगाल बीजेपी के कुछ नेताओं ने उनसे दूरी बनाई है। पार्टी नेताओं की ओर से कहा गया कि रॉय की टिप्पणी व्यक्तिगत है और बीजेपी इसका समर्थन नहीं करती। इस मुद्दे ने बीजेपी के भीतर भी असहजता पैदा की है। रिपोर्टों के अनुसार बीजेपी के वरिष्ठ नेता तथागत रॉय ने भी इस मामले पर पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं और नेताजी से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर सावधानी बरतने की बात कही है। TMC ने इन टिप्पणियों को बंगाल की राष्ट्रवादी विरासत और नेताजी की ऐतिहासिक भूमिका के अपमान से जोड़ते हुए बीजेपी पर राजनीतिक हमला बोला है।
तीन दिन में दूसरी बार ममता के खिलाफ नारेबाजी
मंगलवार की घटना से पहले 9 अगस्त को हलीसहर में भी ममता बनर्जी को विरोध का सामना करना पड़ा था। ममता बनर्जी उत्तर 24 परगना जिले के हलीसहर में एक TMC कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंची थीं। बताया गया कि संबंधित कार्यकर्ता की पुलिस हिरासत में मौत हुई थी। परिवार से मुलाकात के दौरान ममता के वाहन के आसपास कुछ लोग जमा हो गए और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। रिपोर्टों के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने उनके वाहन को घेर लिया था। ममता बनर्जी की ओर से आरोप लगाया गया कि उनके वाहन पर कीचड़ और चप्पलें भी फेंकी गईं। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने वाहन के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाया।
हलीसहर मामले में बीजेपी ने किया किनारा
हलीसहर की घटना को लेकर बीजेपी ने इसमें शामिल होने से इनकार किया है। बीजेपी नेताओं की ओर से प्रदर्शन को ममता बनर्जी के खिलाफ स्थानीय लोगों के गुस्से की अभिव्यक्ति बताया गया। इस घटनाक्रम के बाद TMC और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक ओर TMC का आरोप है कि राजनीतिक विरोधियों द्वारा ममता बनर्जी के कार्यक्रमों को जानबूझकर बाधित करने की कोशिश की जा रही है, वहीं बीजेपी की ओर से इसे जनता के असंतोष से जोड़कर देखा जा रहा है।
ममता ने स्वतंत्रता आंदोलन के नेताओं का किया जिक्र
श्यामबाजार के कार्यक्रम में ममता बनर्जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ महात्मा गांधी और मातंगिनी हाजरा जैसे स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नामों का उल्लेख किया। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान को राजनीतिक प्रदर्शन का विषय नहीं बल्कि भावनात्मक और ऐतिहासिक जिम्मेदारी के रूप में प्रस्तुत किया। मंगलवार के कार्यक्रम का राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट रहा—TMC ने नेताजी के सम्मान को बंगाल की राजनीतिक अस्मिता और राष्ट्रवादी विरासत से जोड़कर बीजेपी पर निशाना साधा।
बंगाल की राजनीति में बढ़ा टकराव
ममता बनर्जी के खिलाफ लगातार दो घटनाओं ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है। एक तरफ नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर बीजेपी सांसद की टिप्पणी विवाद का केंद्र बनी हुई है, दूसरी ओर ममता बनर्जी के सार्वजनिक कार्यक्रमों में ‘चोर-चोर’ के नारे राजनीतिक माहौल को गर्म कर रहे हैं। श्यामबाजार की घटना खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि TMC ने इसे नेताजी के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुई राजनीतिक बाधा के रूप में उठाया है। बीजेपी की ओर से हालांकि हलीसहर की घटना में किसी भूमिका से इनकार किया गया है और विरोध को जनता के असंतोष से जोड़कर देखा गया है।
अब आगे क्या?
नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर बीजेपी सांसद की टिप्पणी और उसके बाद TMC के विरोध प्रदर्शन ने बंगाल की राजनीति में नया मुद्दा खड़ा कर दिया है। श्यामबाजार में नारेबाजी और हलीसहर की घटना ने इस राजनीतिक विवाद को और अधिक तीखा बना दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक मंचों के साथ-साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी दिखाई दे सकता है। फिलहाल TMC नेताजी के सम्मान और उनकी विरासत को लेकर बीजेपी पर हमलावर है, जबकि बीजेपी खेमे की ओर से ममता बनर्जी के खिलाफ हुए विरोध को जनता के असंतोष से जोड़कर पेश किया जा रहा है।
फिलहाल श्यामबाजार की नारेबाजी ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद भी TMC और बीजेपी के बीच टकराव कम होने के बजाय नए मुद्दों के साथ और तेज होता जा रहा है।