भानु चंद्र भास्कर (ए डी जी मेरठ जोन)
CCTV, RT सेट और विभागीय समन्वय से मेरठ पुलिस की त्वरित कार्रवाई; #DhanywadMeerutPolice को सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन, ‘X’ की Politics श्रेणी में देशभर में नंबर-1 ट्रेंड
मेरठ। कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और निर्बाध रूप से संपन्न कराने में मेरठ पुलिस द्वारा स्थापित एकीकृत कांवड़ कंट्रोल रूम एवं Integrated Command and Control Center (ICCC) की भूमिका महत्वपूर्ण रही। आधुनिक तकनीक, लाइव CCTV निगरानी, पुलिस रेडियो के RT सेट, फील्ड पुलिस और विभिन्न विभागों के बीच रियल टाइम समन्वय के माध्यम से कांवड़ मार्ग पर सामने आई समस्याओं और प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण कराया गया। मेरठ पुलिस के अनुसार कांवड़ यात्रा के दौरान एकीकृत कांवड़ कंट्रोल रूम के माध्यम से सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, विद्युत व्यवस्था, सफाई, जलभराव, सड़क एवं अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी कुल 396 सूचनाओं और शिकायतों का निस्तारण कराया गया।
24 घंटे सक्रिय रहा एकीकृत कांवड़ कंट्रोल रूम
कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ मार्ग, प्रमुख चौराहों, महत्वपूर्ण ड्यूटी प्वाइंट्स और संवेदनशील स्थानों की निगरानी लाइव CCTV कैमरों एवं अन्य तकनीकी संसाधनों के माध्यम से लगातार की गई। कंट्रोल रूम में किसी समस्या की जानकारी सामने आते ही संबंधित थाना, पुलिस अधिकारी अथवा संबंधित विभाग को तत्काल सूचना भेजकर मौके पर कार्रवाई कराई गई। कंट्रोल रूम का उद्देश्य केवल सूचनाओं को दर्ज करना नहीं रहा, बल्कि सूचना प्राप्त होने से लेकर संबंधित टीम के मौके पर पहुंचने और समस्या के समाधान तक पूरी प्रक्रिया की निगरानी की गई।

CCTV कैमरों से मिलीं 131 सूचनाएं
कांवड़ कंट्रोल रूम में लगाए गए CCTV कैमरों के माध्यम से कुल 131 सूचनाएं प्राप्त हुईं। इनमें कांवड़ मार्ग पर घुमंतू एवं बेसहारा पशुओं से संबंधित 50 सूचनाएं, वाहन संबंधी 12 सूचनाएं, जाम एवं गड्ढों से संबंधित 32 सूचनाएं तथा अन्य 37 सूचनाएं शामिल रहीं। CCTV निगरानी के कारण सड़क पर उत्पन्न होने वाली कई समस्याओं की जानकारी मौके से शिकायत मिलने से पहले ही कंट्रोल रूम को प्राप्त हो गई। इसके बाद संबंधित फील्ड टीम को सक्रिय कर समस्या का समाधान कराया गया। घुमंतू पशुओं के मार्ग पर पहुंचने की घटनाओं में घोड़े के बिदकने, सड़क पार करते पशु और नीलगाय दिखाई देने जैसी परिस्थितियां भी शामिल रहीं। ऐसी घटनाओं में संबंधित पुलिस एवं नगर निगम की टीमों को सूचना देकर मार्ग को सुरक्षित कराया गया।
RT सेट से 107 सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई
पुलिस रेडियो विभाग के RT सेट के माध्यम से कुल 107 सूचनाएं प्राप्त हुईं। इनमें दुर्घटना संबंधी 39, बैरिकेडिंग की बल्लियां खुलने या टूटने संबंधी 11, बिजली संबंधी 8, सड़क पर पानी भरने या गड्ढे संबंधी 8, जाम की स्थिति संबंधी 8, चोरी संबंधी 2 और अन्य 31 सूचनाएं शामिल रहीं। चोरी से संबंधित दो मामलों में मोबाइल फोन से जुड़ी सूचनाएं प्राप्त हुईं। पुलिस ने तत्काल फुटेज एवं अन्य तकनीकी माध्यमों की मदद से कार्रवाई करते हुए मोबाइल फोन उनके संबंधित व्यक्तियों को वापस कराने में सफलता हासिल की।
दुर्घटनाओं पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग का त्वरित रिस्पांस
कांवड़ यात्रा के दौरान दुर्घटनाओं से जुड़ी सूचना प्राप्त होने पर स्थानीय पुलिस, कंट्रोल रूम और स्वास्थ्य विभाग को तत्काल सक्रिय किया गया। घायलों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और अस्पताल पहुंचाने की कार्रवाई कराई गई। RT Cell में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दुर्घटनाओं, घायल कांवड़ यात्रियों और चिकित्सीय सहायता से संबंधित मामलों पर तत्काल कार्रवाई की गई।
जाम और मार्ग अवरोध की सूचना पर तत्काल कार्रवाई
कांवड़ मार्ग पर जाम, भारी वाहनों के प्रवेश, जलभराव, सड़क के गड्ढे, टूटे बैरिकेड और अन्य मार्ग अवरोधों की जानकारी मिलने पर यातायात पुलिस और स्थानीय थाना पुलिस के साथ संबंधित विभागों को सक्रिय किया गया। नगर निगम, PWD, NHAI और अन्य विभागों के साथ समन्वय कर जाम खुलवाने, पानी निकलवाने, सड़क संबंधी समस्याओं को दूर करने तथा बैरिकेडिंग को दुरुस्त कराने की कार्रवाई कराई गई।

बेसहारा पशुओं पर विशेष निगरानी
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए कांवड़ मार्ग पर बेसहारा और घुमंतू पशुओं की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी गई। CCTV और फील्ड इनपुट के आधार पर पशु दिखाई देने की सूचना तत्काल संबंधित पुलिस एवं नगर निगम टीम को भेजी गई। कंट्रोल रूम के CCTV सिस्टम से ही बेसहारा एवं घुमंतू पशुओं से संबंधित 50 सूचनाएं प्राप्त हुईं।
विद्युत सुरक्षा से जुड़ी 28 सूचनाओं का निस्तारण
कांवड़ मार्ग पर विद्युत सुरक्षा को लेकर भी कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की गई। विद्युत पोल पर पॉलिथीन लगवाने, नीचे लटकते या टूटे विद्युत तार, प्रकाश व्यवस्था तथा विद्युत आपूर्ति से संबंधित कुल 28 सूचनाओं पर विद्युत विभाग के साथ समन्वय कर कार्रवाई कराई गई। इसका उद्देश्य कांवड़ मार्ग पर किसी भी विद्युत दुर्घटना की आशंका को समय रहते समाप्त करना रहा।
स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी 20 सूचनाओं पर कार्रवाई
कांवड़ यात्रियों की तबीयत खराब होने, दुर्घटना में घायल होने तथा चिकित्सीय सहायता की आवश्यकता से संबंधित कुल 20 सूचनाओं पर स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय किया गया। आवश्यकता के अनुसार एंबुलेंस और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई कराई गई।
नगर निगम से जुड़ी 62 सूचनाओं का निस्तारण
विभिन्न विभागों में नगर निगम के साथ सबसे अधिक समन्वय किया गया। सफाई, बेसहारा पशु, जलभराव, मार्ग अवरोध, बैरिकेडिंग और अन्य नगरीय व्यवस्थाओं से संबंधित कुल 62 सूचनाओं पर नगर निगम के साथ समन्वय स्थापित कर निस्तारण कराया गया।
सड़क और आधारभूत सुविधाओं पर भी नजर
कांवड़ यात्रा के दौरान सड़क एवं आधारभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याओं पर भी कंट्रोल रूम की निगरानी रही। PWD से संबंधित 11, पंचायती राज विभाग से संबंधित 18 और नगर पंचायत से संबंधित 4 सूचनाओं पर कार्रवाई कराई गई। इनमें सड़क के गड्ढे, जलभराव, साफ-सफाई, मरम्मत और सार्वजनिक शौचालय जैसी व्यवस्थाओं से संबंधित मामले शामिल रहे।
कई विभागों के बीच बना समन्वय का केंद्र
एकीकृत कांवड़ कंट्रोल रूम के माध्यम से पुलिस के साथ-साथ विद्युत विभाग, पंचायती राज विभाग, स्वास्थ्य विभाग, PWD, नगर निगम, नगर पंचायत, परिवहन विभाग, वन विभाग, मेरठ विकास प्राधिकरण, खाद्य विभाग, NCRCT/NCRTC, NHAI और अग्निशमन विभाग के साथ समन्वय किया गया। प्राप्त सूचना को संबंधित विभाग तक पहुंचाने के साथ ही कार्रवाई की प्रगति की जानकारी भी कंट्रोल रूम स्तर पर प्राप्त की गई।
भोला की झाल पर तीन कांवड़ यात्रियों को संभावित हादसे से बचाया
एकीकृत कंट्रोल रूम की तकनीकी निगरानी का एक महत्वपूर्ण उदाहरण 4 अगस्त 2026 को थाना जानी क्षेत्र के भोला की झाल में देखने को मिला। लाइव IP कैमरे की निगरानी के दौरान तीन कांवड़ यात्री नहर की झाल के समीप अत्यंत जोखिमपूर्ण स्थिति में झांकते दिखाई दिए। उक्त स्थान पर पूर्व में भी दुर्घटनाओं के कारण जनहानि की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ICCC से तत्काल संबंधित सेक्टर पुलिस अधिकारी और ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को अलर्ट किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तीनों कांवड़ यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर ले गई। इससे संभावित दुर्घटना को टालने में सफलता मिली। बाद में इसी स्थान पर अन्य लोगों द्वारा जोखिमपूर्ण गतिविधि दोहराए जाने पर भी पुलिस ने तत्काल संज्ञान लिया। स्थान को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए टीनशेड और बैरिकेडिंग की व्यवस्था कराई गई।
विभागवार निस्तारित सूचनाओं का आंकड़ा
कांवड़ कंट्रोल रूम के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार विभिन्न माध्यमों एवं विभागों से प्राप्त सूचनाओं का निस्तारण इस प्रकार रहा—
- CCTV कैमरों से: 131
- घुमंतू पशु — 50
- वाहन संबंधी — 12
- जाम/गड्ढे — 32
- अन्य — 37
- पुलिस रेडियो RT सेट से: 107
- दुर्घटना — 39
- बैरिकेडिंग — 11
- बिजली — 8
- पानी भरना/गड्ढा — 8
- जाम — 8
- चोरी — 2
- अन्य — 31
- विद्युत विभाग: 28
- पंचायती राज विभाग: 18
- स्वास्थ्य विभाग: 20
- PWD: 11
- नगर निगम: 62
- नगर पंचायत: 4
- परिवहन विभाग: 1
- वन विभाग: 1
- मेरठ विकास प्राधिकरण: 2
- खाद्य विभाग: 2
- NCRCT/NCRTC: 3
- NHAI: 5
- अग्निशमन विभाग: 1
कुल निस्तारित सूचनाएं/शिकायतें — 396
सोशल मीडिया पर मेरठ पुलिस को मिला व्यापक समर्थन
कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान मेरठ पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था, सेवा, संवेदनशीलता और त्वरित सहायता को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर भी व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली।
DhanywadMeerutPolice अभियान के माध्यम से आमजन और श्रद्धालुओं ने मेरठ पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। पुलिस के अनुसार यह हैशटैग ‘X’ की Politics श्रेणी में देशभर में नंबर-1 ट्रेंड रहा।
अभियान से संबंधित लगभग 3.46 हजार से अधिक Mentions दर्ज किए गए। इसकी कुल Reach लगभग 23.6 लाख रही, जबकि करीब 2.22 हजार अलग-अलग Authors/Accounts ने अभियान में भागीदारी की।
अभियान से संबंधित सामग्री को 44.3 हजार से अधिक Views मिले। Original Posts और Reposts के माध्यम से श्रद्धालुओं एवं आमजन ने मेरठ पुलिस के प्रति विश्वास, सहयोग और आभार व्यक्त किया।
तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता का बेहतर तालमेल
कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान एकीकृत कांवड़ कंट्रोल रूम और ICCC ने केवल निगरानी केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि पुलिस, प्रशासन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के केंद्रीय प्लेटफॉर्म के रूप में काम किया।
लाइव CCTV कैमरों से समस्या की पहचान, RT सेट से तत्काल सूचना का आदान-प्रदान, फील्ड पुलिस की त्वरित कार्रवाई और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय ने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं जनसुविधा प्रबंधन को मजबूत बनाया।
मेरठ पुलिस के अनुसार तकनीक के माध्यम से किसी समस्या की पहचान होने के बाद संबंधित टीम को तत्काल सक्रिय करना और कार्रवाई की प्रगति की निगरानी करना कंट्रोल रूम की प्रमुख विशेषता रही।
सुरक्षित और सुगम कांवड़ यात्रा पर रहा जोर
कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान मेरठ पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात और आवश्यक जनसुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी रखी।
एकीकृत कंट्रोल रूम के माध्यम से प्राप्त 396 सूचनाओं और शिकायतों का निस्तारण यह दर्शाता है कि कांवड़ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में तकनीकी निगरानी और विभागीय समन्वय किस प्रकार तत्काल समस्याओं के समाधान में उपयोगी साबित हो सकता है।
मेरठ पुलिस का संदेश रहा—“एकीकृत कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर, हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई—तकनीक, समन्वय और सेवाभाव के साथ सुरक्षित कांवड़ यात्रा का संकल्प।”