कार्यक्रम में पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल का सम्मान करते पंडित सुनील
मेरठ। सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्म के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय एवं झुग्गी झोपड़ी जीवन उत्थान मिशन (स्लम फाउंडेशन) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में सरदार पटेल के जीवन, संघर्ष, राष्ट्र निर्माण में योगदान और उपलब्धियों को विभिन्न माध्यमों से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का आयोजन शाम करीब 4 बजे किया गया, जिसमें 1000 से अधिक लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन से संबंधित चित्र प्रदर्शनी लगाई गई। इसके साथ ही ऑडियो-वीडियो डिस्प्ले के माध्यम से उनके जीवन, विचारों, स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान तथा देश की एकता एवं अखंडता के लिए किए गए कार्यों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में देशभक्ति गीतों और नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों में उत्साह और देशभक्ति का भाव पैदा किया।
डॉ. सोमेंद्र तोमर रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सोमेंद्र तोमर रहे। मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल तथा पूर्व राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार पंडित सुनील भराला उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में छावनी परिषद की पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. शिप्रा रस्तोगी, सुंदरलाल वर्मा, पूर्व विधायक हरपाल सिंह सैनी, पूर्व विधायक सत्य प्रकाश अग्रवाल, पूर्व विधायक अजय गुप्ता, समाजसेवी अरुण वशिष्ठ सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल हुए।

सरदार पटेल के योगदान को किया याद
स्लम फाउंडेशन के राष्ट्रीय महामंत्री राजेश्वर डे ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में असंख्य लोगों ने अपना जीवन बलिदान किया और यातनाएं सहकर देश को स्वतंत्रता दिलाने में योगदान दिया। ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों को याद करना और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पटेल ने सफल वकील का जीवन छोड़कर स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने खेड़ा और बारडोली के सत्याग्रहों का नेतृत्व किया और किसानों एवं आम जनता को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महात्मा गांधी के साथ मिलकर उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूत किया। राजेश्वर डे ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद सरदार पटेल देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री और प्रथम गृह मंत्री बने। उन्होंने देशी रियासतों के भारत में एकीकरण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनके प्रयासों और दृढ़ इच्छाशक्ति ने भारत की एकता और अखंडता को मजबूत आधार दिया।
गाजियाबाद और नोएडा में भी होंगे कार्यक्रम
राजेश्वर डे ने बताया कि स्लम फाउंडेशन द्वारा सरदार पटेल के 150वें जन्म वर्ष के अवसर पर देश के विभिन्न शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत गाजियाबाद और नोएडा में भी कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह गाजियाबाद में युवाओं और बच्चों की भागीदारी वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद नोएडा में विद्वानों और समाज के प्रतिष्ठित लोगों की सहभागिता वाला सेमिनार आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर संस्कृति मंत्रालय और स्लम फाउंडेशन की संयुक्त पुस्तिका ‘सुवेनियर’ का भी अनावरण किया जाएगा।
पंडित सुनील भराला ने बताया ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का संदेश
स्लम फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पंडित सुनील भराला ने अपने संबोधन में कहा कि जिस प्रकार सरदार वल्लभभाई पटेल ने स्वतंत्रता के समय बिखरी हुई रियासतों और भारत की विभिन्न शक्तियों को एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया, उसी प्रकार आज भारत एकता और अखंडता के साथ ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति, निर्णय क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि आज देश का मजबूत नेतृत्व भी सरदार पटेल की दृढ़ता और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता की याद दिलाता है। पंडित सुनील भराला ने कहा कि झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों के बीच लंबे समय से कार्य कर रहा स्लम फाउंडेशन अब समाज के व्यापक विकास में भी अपनी भूमिका बढ़ाएगा। संगठन को नए स्वरूप में मजबूत करने और राष्ट्रीय स्तर पर फैले संगठन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचे सरकारी योजनाओं का लाभ : राजेंद्र अग्रवाल
पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को स्लम फाउंडेशन जैसी सामाजिक संस्थाओं की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा गरीबों और वंचित वर्गों के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सामाजिक संस्थाएं इन योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब पात्र लोगों को उनका लाभ मिले। उन्होंने उपस्थित लोगों से सरकारी योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और जरूरतमंदों की सहायता करने का आह्वान किया।
चित्र प्रदर्शनी और ऑडियो-वीडियो डिस्प्ले रहा आकर्षण
कार्यक्रम में लगाई गई सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन पर आधारित चित्र प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। प्रदर्शनी में उनके बचपन, स्वतंत्रता आंदोलन, किसान आंदोलनों, राजनीतिक जीवन तथा देश के एकीकरण में उनकी भूमिका से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत की गई। ऑडियो-वीडियो डिस्प्ले के माध्यम से भी सरदार पटेल के जीवन वृत्तांत और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। उपस्थित लोगों ने इसमें विशेष रुचि दिखाई। देशभक्ति गीतों और नृत्य की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग भी प्रदान किया।
स्लम फाउंडेशन के पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में स्लम फाउंडेशन के अनेक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। इनमें अंकुर सक्सेना, योगेश आत्रेय, उत्कर्ष भारद्वाज, नमन भारद्वाज, संतोष पंडित, राजकुमार कौशिक, श्रीमती रितु गोयल, हरि ओम करनावल और नीतू मजूमदार प्रमुख रूप से शामिल रहे। आयोजकों ने कार्यक्रम की सफलता में डॉ. राजीव तथा कवि तुमनेश सुमन के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने और देश की एकता, अखंडता एवं सामाजिक विकास में योगदान देने का संदेश दिया गया।