अफजाल सैफी
अफजाल सैफी, रामदत्त शर्मा और सुमित बौद्ध ने चीनी के दाम कम करने की मांग उठाई, कहा- जमाखोरी और कालाबाजारी पर हो सख्त कार्रवाई
मेरठ मेरठ नगर निगम समाजवादी पार्टी पार्षद दल के पूर्व नेता एवं समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश सचिव अफजाल सैफी, पूर्व पार्षद रामदत्त शर्मा तथा समाजवादी बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व पार्षद सुमित बौद्ध ने संयुक्त बयान जारी कर चीनी की कीमतों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण चीनी के दाम बढ़े हैं, जिससे आम और गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
चीनी के दाम कम करने की मांग
सपा नेताओं ने चीनी की कीमत को 35 रुपये प्रति किलोग्राम तक लाने की मांग की। उनका कहना है कि रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु होने के कारण चीनी की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर पड़ता है। उन्होंने सरकार से हस्तक्षेप कर उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की।

मिल मालिकों की भरपाई सरकार से करने की मांग
अफजाल सैफी, रामदत्त शर्मा और सुमित बौद्ध ने मांग की कि यदि चीनी की कीमत कम करने से चीनी मिलों को किसी प्रकार की आर्थिक भरपाई की आवश्यकता पड़ती है तो उसकी व्यवस्था केंद्र और राज्य सरकार द्वारा की जाए। उन्होंने कहा कि इसका भार आम जनता पर नहीं डाला जाना चाहिए।
चीनी के निर्यात पर रोक लगाने की मांग
सपा नेताओं ने चीनी के निर्यात पर रोक लगाने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना जरूरी है, ताकि आम उपभोक्ताओं को उचित दर पर चीनी उपलब्ध हो सके। उन्होंने सरकार से बाजार में चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर प्रभावी निगरानी की मांग की।
जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि बड़े स्तर पर चीनी का स्टॉक करने वाले कुछ थोक विक्रेताओं और कथित जमाखोरों के कारण भी बाजार में कीमतों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी की जांच कराने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं अवैध रूप से चीनी का भंडारण पाया जाता है तो उपलब्ध स्टॉक को नियमानुसार छोटे एवं फुटकर विक्रेताओं के माध्यम से उपभोक्ताओं तक उचित दर पर पहुंचाने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

बोले- गरीब परिवारों पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ
सपा नेताओं ने कहा कि महंगाई का सबसे अधिक असर आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ता है। उनका कहना है कि रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमत बढ़ने से परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित होता है। उन्होंने सरकार से आम जनता को राहत देने के लिए आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
अफजाल सैफी, रामदत्त शर्मा और सुमित बौद्ध ने कहा कि यदि चीनी की कीमतों को लेकर सरकार ने राहत देने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए तो समाजवादी पार्टी की ओर से ‘चीनी बचाओ आंदोलन’ चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान आम जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा। सपा नेताओं ने कहा कि जनता के आर्थिक हितों से जुड़े मुद्दों पर पार्टी आवाज उठाती रहेगी और आम नागरिकों के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन की आवश्यकता पड़ती है तो उसकी जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार की होगी।
संयुक्त बयान जारी करने वाले सपा नेता
संयुक्त बयान जारी करने वालों में अफजाल सैफी, पूर्व नेता पार्षद दल, नगर निगम मेरठ एवं पूर्व प्रदेश सचिव, समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश; रामदत्त शर्मा, पूर्व पार्षद, नगर निगम मेरठ, समाजवादी पार्टी; तथा सुमित बौद्ध, राष्ट्रीय सचिव, समाजवादी बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी एवं पूर्व पार्षद, नगर निगम मेरठ शामिल रहे। सपा नेताओं ने दोहराया कि उनका उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत दिलाना है और चीनी जैसी रोजमर्रा की आवश्यक वस्तु की कीमतों को लेकर सरकार को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।