पुलिसकर्मी पर हमला करता पशु मालिक
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में रविवार को आवारा पशुओं को पकड़ने पहुंची नगर निगम की टीम पर पथराव किए जाने का मामला सामने आया है। घटना में नगर निगम के कई कर्मचारियों के घायल होने की बात सामने आई है, जबकि पथराव के दौरान अभियान में शामिल तीन सरकारी वाहनों के शीशे भी क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद नगर निगम प्रशासन ने पारा थाने में नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
आवारा पशुओं को पकड़ने पहुंची थी टीम
जानकारी के मुताबिक, नगर निगम की टीम जोन-6 के अंतर्गत पारा थाना क्षेत्र में सड़क पर खुले घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चला रही थी। टीम द्वारा पशुओं को पकड़ने की कार्रवाई शुरू किए जाने के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।
आरोप है कि विरोध बढ़ने के बाद कुछ लोगों ने नगर निगम की टीम पर पथराव कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद पथराव किए जाने से नगर निगम कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया।
तीन सरकारी वाहनों के शीशे टूटे
पथराव के दौरान नगर निगम के अभियान में शामिल तीन वाहनों को निशाना बनाया गया। वाहनों के शीशे टूट गए। हमले में नगर निगम के कई कर्मचारियों को चोटें आने की भी जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि कुछ कर्मचारियों की पीठ और पैरों में चोट लगी।
घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। हालांकि विरोध और पथराव के बावजूद नगर निगम की टीम ने अभियान को पूरी तरह बंद नहीं किया।
विरोध के बावजूद 18 भैंसें पकड़ी गईं
हंगामे के बीच नगर निगम की टीम ने कार्रवाई जारी रखते हुए 18 भैंसों को पकड़ लिया। पकड़े गए पशुओं को ठाकुरगंज स्थित कांजी हाउस भेजे जाने की जानकारी है। नगर निगम का कहना है कि शहर में सार्वजनिक सड़कों पर आवारा पशुओं की वजह से यातायात और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, इसलिए अभियान जारी रहेगा।
पारा थाने में दी गई तहरीर
घटना के संबंध में नगर निगम के पशु कल्याण प्रभारी अवधेश कुमार की ओर से पारा थाने में तहरीर दी गई है। इसमें नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस अब शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि पथराव में कौन-कौन लोग शामिल थे और सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाने तथा कर्मचारियों के साथ मारपीट या चोट पहुंचाने की घटना में किन लोगों की भूमिका रही।
सरकारी अभियान में बाधा डालने का आरोप
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि सरकारी टीम शहर में निर्धारित अभियान के तहत कार्रवाई कर रही थी। ऐसे में टीम पर हमला करना और सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त करना गंभीर मामला है। प्रशासन की ओर से संकेत दिया गया है कि इस तरह के विरोध के कारण आवारा पशुओं को पकड़ने का अभियान बंद नहीं किया जाएगा।
दरोगा की तस्वीर को लेकर भी चर्चा
घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरों को लेकर सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मी के साथ कथित धक्का-मुक्की और गला दबाने जैसी बातों के दावे भी किए जा रहे हैं। हालांकि, दरोगा की गर्दन दबाने, जान से मारने के प्रयास या किसी विशेष ‘गद्दी गैंग’ की संलिप्तता जैसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है। इसलिए इन दावों को तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
फिलहाल पुष्ट जानकारी के अनुसार मुख्य मामला नगर निगम की टीम पर पथराव, सरकारी वाहनों के शीशे टूटने, कर्मचारियों के घायल होने और अभियान के दौरान 18 भैंसों को पकड़े जाने से जुड़ा है।
प्रशासन के सामने चुनौती
लखनऊ में सड़कों पर आवारा पशुओं की समस्या लंबे समय से यातायात और सड़क सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा रही है। नगर निगम की कार्रवाई का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे पशुओं को हटाना है, लेकिन अभियान के दौरान कर्मचारियों पर हमला या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं प्रशासन के लिए चुनौती बनती हैं।
अब पुलिस जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनके खिलाफ किन धाराओं में कार्रवाई की जाती है। नगर निगम की ओर से भी स्पष्ट किया गया है कि विरोध के बावजूद आवारा पशुओं के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
मुख्य तथ्य:
- स्थान: पारा थाना क्षेत्र, लखनऊ
- घटना: नगर निगम की पशु पकड़ने वाली टीम पर पथराव
- नुकसान: तीन सरकारी वाहनों के शीशे टूटे
- घायल: कई नगर निगम कर्मचारी
- पकड़े गए पशु: 18 भैंसें
- कार्रवाई: पारा थाने में नामजद व अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर
- अगली कार्रवाई: पुलिस जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई