लेंस एंड लर्न अकादमी के बीच एम ओ यू छात्राओं को मिलेगा लाभ
मेरठ, 17 अगस्त 2026। रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, मेरठ के विजुअल आर्ट: ड्रॉइंग एवं पेंटिंग विभाग तथा लेंस एंड लर्न एकेडमी, मेरठ के बीच छात्राओं के शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता छात्राओं को कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव, इंटर्नशिप, प्रशिक्षण और मेंटरशिप के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह एमओयू 20 जुलाई 2026 से 20 जुलाई 2027 तक प्रभावी रहेगा। दोनों संस्थान आपसी सहयोग, पारदर्शिता और सहभागिता के साथ छात्राओं को उनकी रचनात्मक प्रतिभा विकसित करने तथा उन्हें बदलते व्यावसायिक परिदृश्य के अनुरूप तैयार करने के लिए कार्य करेंगे।
कंटेंट क्रिएशन में मिलेगा व्यावहारिक अनुभव
समझौते के तहत छात्राओं को कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में इंटर्नशिप के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इसके माध्यम से छात्राएं कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक कार्यक्षेत्र में लागू कर सकेंगी।
इसके अलावा दोनों संस्थानों के सहयोग से समय-समय पर संयुक्त कार्यशालाएं, प्रशिक्षण सत्र और मेंटरशिप कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्राओं को कंटेंट निर्माण, रचनात्मक अभिव्यक्ति और डिजिटल माध्यमों के उपयोग की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
पारंपरिक और डिजिटल कला का होगा समन्वय
एमओयू की एक प्रमुख विशेषता पारंपरिक कला और डिजिटल कला के समन्वय से रचनात्मक परियोजनाओं का विकास करना है। विजुअल आर्ट के क्षेत्र में अध्ययन कर रहीं छात्राओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक कंटेंट निर्माण तकनीकों से जोड़ने से उन्हें अपनी कला को नए माध्यमों में प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
इस पहल से छात्राएं ड्रॉइंग एवं पेंटिंग जैसी पारंपरिक कलाओं के साथ डिजिटल तकनीक, विजुअल कंटेंट और आधुनिक प्रस्तुति माध्यमों का उपयोग करना सीख सकेंगी।
दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने किए हस्ताक्षर
समझौता ज्ञापन पर रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज की ओर से प्राचार्य प्रो. निवेदिता कुमारी एवं विभागाध्यक्ष प्रो. अर्चना रानी ने हस्ताक्षर किए। वहीं लेंस एंड लर्न एकेडमी के निदेशक श्री प्रशांत पराशर ने संस्थान की ओर से एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
दोनों संस्थानों ने छात्राओं के शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास के लिए पारस्परिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
छात्राओं को उद्योग जगत से जोड़ने में सहायक होगा एमओयू
कॉलेज की प्राचार्य प्रो. निवेदिता कुमारी ने कहा कि यह समझौता ज्ञापन छात्राओं को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें उद्योग जगत की आवश्यकताओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि आज के बदलते दौर में केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यक्षेत्र की आवश्यकताओं और आधुनिक तकनीकों से परिचित कराना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कंटेंट क्रिएशन तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र है और इस क्षेत्र में छात्राओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे में यह एमओयू उन्हें अपनी प्रतिभा को व्यावसायिक रूप देने में मदद करेगा।
कला शिक्षा में नई संभावनाएं खुलेंगी
विभागाध्यक्ष प्रो. अर्चना रानी ने एमओयू को कला शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस सहयोग के माध्यम से छात्राएं पारंपरिक कला को डिजिटल माध्यमों से जोड़कर अपनी रचनात्मकता को नए आयाम दे सकेंगी।
उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में कला की प्रस्तुति के माध्यम तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म की जानकारी देना उनके भविष्य के लिए उपयोगी साबित होगा।
छात्राओं को कंटेंट क्रिएशन में उत्कृष्टता का अवसर
लेंस एंड लर्न एकेडमी के निदेशक श्री प्रशांत पराशर ने कहा कि इस सहयोग का उद्देश्य छात्राओं को कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में व्यावहारिक जानकारी और अनुभव प्रदान करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और मेंटरशिप के माध्यम से छात्राएं अपनी रचनात्मक क्षमताओं को और बेहतर कर सकेंगी तथा इस क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।
रोजगार और व्यावसायिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
कॉलेज और लेंस एंड लर्न एकेडमी के बीच हुआ यह समझौता छात्राओं के लिए रोजगार, इंटर्नशिप, कौशल विकास और व्यावसायिक अवसरों के नए द्वार खोल सकता है। कंटेंट क्रिएशन, डिजिटल मीडिया और विजुअल कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में लगातार बढ़ती संभावनाओं के बीच इस तरह की पहल छात्राओं को प्रतिस्पर्धी माहौल के लिए तैयार करने में उपयोगी होगी।
एमओयू के माध्यम से छात्राओं को अपनी रचनात्मक प्रतिभा को पहचानने, उसे तकनीकी कौशल के साथ विकसित करने और वास्तविक परियोजनाओं के माध्यम से अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
मेरठ की कला एवं शिक्षा को नई पहचान दिलाने की उम्मीद
दोनों संस्थानों का मानना है कि यह समझौता केवल छात्राओं के व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक विकास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कला और शिक्षा के क्षेत्र में मेरठ को नई पहचान दिलाने में भी योगदान दे सकता है।
पारंपरिक कला, आधुनिक डिजिटल तकनीक और कंटेंट क्रिएशन के बीच तालमेल स्थापित होने से छात्राओं को नए प्रयोग करने और अपनी रचनात्मक परियोजनाओं को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने के अवसर मिलेंगे।
कॉलेज के शिक्षकगण रहे उपस्थित
एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम के अवसर पर कॉलेज के कई शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। इनमें डॉ. नाजिमा इरफान, डॉ. पूनम लता, डॉ. हीना यादव, प्रो. सोनिका चौधरी, प्रो. अंजुला राजवंशी तथा प्रो. छाया सहित अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में दोनों संस्थानों की ओर से इस सहयोग को सफल बनाने तथा छात्राओं को अधिक से अधिक व्यावहारिक और रचनात्मक अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।