कैशलेस सुविधा कार्ड का वितरण करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मेरठ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के स्वयंसेवकों और उनके परिवारों के लिए बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह, रामगढ़ ताल में आयोजित पीआरडी स्वयंसेवकों के सम्मेलन के दौरान ‘मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा सेवा योजना’ का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके परिवार के सदस्यों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कैशलेस चिकित्सा सुविधा कार्ड का वितरण भी किया। इसके साथ ही पीआरडी स्वयंसेवकों के लिए एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए उनके दैनिक ड्यूटी भत्ते को 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन करने की घोषणा की।
पीआरडी जवानों के परिवारों को भी मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा सेवा योजना का लाभ केवल पीआरडी स्वयंसेवकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके परिवार के सदस्य भी इसके दायरे में होंगे। योजना के अंतर्गत पात्र स्वयंसेवक और उनके परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार की इस पहल से पीआरडी जवानों और उनके परिवारों को गंभीर बीमारी या आकस्मिक स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों में इलाज के खर्च को लेकर बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
ड्यूटी भत्ता 500 से बढ़कर 600 रुपये प्रतिदिन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीआरडी स्वयंसेवकों के दैनिक ड्यूटी भत्ते में भी वृद्धि की घोषणा की। अब पीआरडी जवानों को प्रतिदिन 600 रुपये का ड्यूटी भत्ता मिलेगा, जो पहले 500 रुपये था।

इस फैसले को प्रदेश में पीआरडी स्वयंसेवकों की भूमिका और उनके योगदान को मान्यता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा पीआरडी बैरक
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लखनऊ के ग्राम एटर पश्चिम, सरोजनी नगर में लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बहुमंजिला पीआरडी बैरक का शिलान्यास भी किया।
इससे पीआरडी स्वयंसेवकों के लिए बेहतर आवासीय एवं आधारभूत सुविधाएं विकसित करने की दिशा में कदम आगे बढ़ेगा।
‘पीआरडी जवान प्रदेश की शांति और सुरक्षा की मजबूत रीढ़’
उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि पीआरडी के जवान केवल व्यवस्था का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की शांति, सुरक्षा और जनसेवा के मजबूत आधार हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1948 में जिस उद्देश्य के साथ प्रांतीय रक्षक दल की स्थापना की गई थी, पीआरडी स्वयंसेवक आज भी समर्पण और निष्ठा के साथ उस जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। थानों से लेकर पुलिस लाइन और यातायात व्यवस्था तक पीआरडी जवान विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं।
प्रदेश में करीब 29 हजार पीआरडी जवान दे रहे सेवाएं
डॉ. सोमेंद्र तोमर ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में करीब 29 हजार पीआरडी जवान विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आयोजित बड़े आयोजनों और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भी पीआरडी स्वयंसेवकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
उन्होंने महाकुंभ का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान भी बड़ी संख्या में पीआरडी जवानों ने अपनी जिम्मेदारियां निभाईं और व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में योगदान दिया।
2017 के बाद पीआरडी व्यवस्था में हुआ विस्तार
राज्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में लगभग 2,500 पीआरडी जवान ही कार्यरत थे और उस समय व्यवस्था को लेकर कई चुनौतियां थीं। वर्तमान में पीआरडी जवानों की संख्या बढ़कर करीब 29 हजार हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि पीआरडी का बजट भी पिछले वर्षों की तुलना में काफी बढ़ा है। उनके अनुसार पहले जहां पीआरडी का बजट लगभग 23 करोड़ रुपये था, वहीं वर्तमान में यह बढ़कर करीब 543 करोड़ रुपये हो गया है।
डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि बजट में इस वृद्धि से स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार पीआरडी स्वयंसेवकों की भूमिका और उनके कल्याण को लेकर गंभीरता से काम कर रही है।
दुर्घटना में दिव्यांग होने पर भी सरकार का प्रावधान
राज्यमंत्री ने बताया कि पीआरडी जवानों को सेवा के दौरान किसी दुर्घटना का सामना करना पड़े या वे दिव्यांग हो जाएं तो उनके लिए भी सरकार ने प्रावधान किए हैं। उन्होंने बताया कि पीआरडी जवानों को 45 दिन का प्रशिक्षण देकर नौकरी देने का प्रावधान भी सरकार की ओर से किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ड्यूटी के दौरान किसी पीआरडी जवान के साथ दुर्घटना होने या उसके बीमार पड़ने की स्थिति में उसे और उसके परिवार को सहायता मिल सके।
पीआरडी जवानों के स्वास्थ्य और सम्मान पर जोर
डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि पीआरडी जवान अपनी ड्यूटी के दौरान विभिन्न परिस्थितियों में काम करते हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक सम्मान का ध्यान रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पीआरडी जवानों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा जैसी योजना शुरू होने से स्वयंसेवकों और उनके परिवारों को महत्वपूर्ण राहत मिलेगी।
वर्दी की गरिमा बनाए रखने का आह्वान
राज्यमंत्री ने कहा कि पीआरडी की वर्दी प्रदेश में सेवा और जिम्मेदारी की पहचान है। इसलिए जवानों को अपनी वर्दी की गरिमा बनाए रखते हुए पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से पीआरडी जवानों को लगातार सुविधाएं और योजनाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ऐसे में जवानों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है कि वे प्रदेश की शांति, सुरक्षा और जनसेवा में पूरी ईमानदारी के साथ योगदान दें।
मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा सेवा योजना, दैनिक ड्यूटी भत्ते में वृद्धि और पीआरडी बैरक के शिलान्यास को प्रदेश के पीआरडी स्वयंसेवकों के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण फैसलों के रूप में देखा जा रहा है।