चवन्नी वाले बयान के विरोध में अखिलेश यादव का पुतला फूंकते रालोद कार्यकर्ता
मेरठ। समाजवादी पार्टी के प्रमुख द्वारा राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को लेकर दिए गए कथित बयान के विरोध में मेरठ में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए सपा प्रमुख का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने बयान को निंदनीय और किसान-मजदूर समाज की भावनाओं को आहत करने वाला बताया। पुतला दहन कार्यक्रम रोहटा रोड बाईपास चौराहे पर एडवोकेट जयराज सिंह के नेतृत्व में किया गया।
चौधरी चरण सिंह और मुलायम सिंह के राजनीतिक संबंधों का दिया हवाला
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन नेताओं को एक-दूसरे के प्रति भाषा और मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह और समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के पुराने राजनीतिक संबंधों का हवाला देते हुए सपा प्रमुख के बयान पर नाराजगी जताई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि चौधरी चरण सिंह ने मुलायम सिंह यादव को राज्यसभा भेजे जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह और मुलायम सिंह यादव के बीच लंबे समय तक राजनीतिक संबंध रहे और ऐसे में उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ कथित तौर पर असम्मानजनक टिप्पणी किया जाना उचित नहीं है।
‘चवन्नी’ वाले बयान पर जताया विरोध
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सपा प्रमुख द्वारा जयंत चौधरी के लिए कथित तौर पर ‘चवन्नी का रुपया’ जैसी टिप्पणी किए जाने पर भी आपत्ति जताई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोकदल और एनडीए के साथ गठबंधन को लेकर जनता अपना फैसला करेगी।
उन्होंने कहा कि किसान और चौधरी चरण सिंह के अनुयायी इस तरह की टिप्पणियों को स्वीकार नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि बयान के बाद किसान एवं चौधरी चरण सिंह की विचारधारा से जुड़े लोगों में आक्रोश है।
‘राजनीतिक मतभेद में भाषा की मर्यादा जरूरी’
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या नेता को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं से भाषा की मर्यादा बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह से लेकर जयंत चौधरी तक की राजनीतिक परंपरा का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उनके नेताओं की ओर से कभी असम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर वे अपनी आवाज आगे भी उठाते रहेंगे तथा राजनीतिक बयानों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे।
रोहटा रोड बाईपास चौराहे पर किया पुतला दहन
सपा प्रमुख के कथित बयान के विरोध में कार्यकर्ताओं ने रोहटा रोड बाईपास चौराहे पर एकत्र होकर नारेबाजी की और इसके बाद पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका विरोध लोकतांत्रिक तरीके से अपनी नाराजगी दर्ज कराने के लिए है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि चौधरी चरण सिंह की विचारधारा से जुड़े किसान, मजदूर और ग्रामीण समाज के बीच इस मुद्दे को लेकर अपनी बात पहुंचाई जाएगी।
एडवोकेट जयराज सिंह के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन
पुतला दहन कार्यक्रम एडवोकेट जयराज सिंह के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस दौरान राजू भैया पार्षद, संदीप, संजीव पस्तरा, राहुल चौधरी, योगेश मलिक, नीतू फौजी, विनीत तोमर, विपिन फौजी, जय सिंह, कुलवंत सोलंकी, अभिमन्यु, संजय, बंटी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसान और मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर वे आगे भी अपनी आवाज उठाते रहेंगे। साथ ही उन्होंने राजनीतिक नेताओं से सार्वजनिक मंचों पर बयान देते समय भाषा की मर्यादा बनाए रखने की अपील की।