दिग्विजय भाटी से मुलाकात करते मेरठ व्यापार मंडल के अध्यक्ष शैंकी वर्मा
मेरठ। पुलिस बर्बरता के आरोपों से जुड़े मामले को लेकर मेरठ व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा ने पीड़ित दिग्विजय भाटी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पीड़ित से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और उनकी बात विस्तार से सुनी। मुलाकात के बाद शैंकी वर्मा ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की।
पीड़ित से मुलाकात कर जानी घटना की पूरी जानकारी
शैंकी वर्मा के अनुसार, दिग्विजय भाटी से बातचीत के दौरान सामने आए तथ्यों ने मामले को गंभीर बना दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक के साथ पुलिस अथवा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा कानून से हटकर व्यवहार किया जाता है तो उसकी निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि पीड़ित की बात को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
‘कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए’
मेरठ व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून सभी नागरिकों के लिए समान है। पुलिस का दायित्व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आम जनता के अधिकारों की रक्षा करना भी है। यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी पुलिसकर्मी ने कानून अपने हाथ में लेकर मारपीट या बर्बरता की है, तो मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
केवल निलंबन या लाइन हाजिर पर्याप्त नहीं
शैंकी वर्मा ने कहा कि यदि जांच में पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं तो केवल लाइन हाजिर अथवा निलंबन जैसी विभागीय कार्रवाई को पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानून के अनुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की।
नए पुलिस कप्तान से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद
उन्होंने कहा कि प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों पर आधारित जांच करानी चाहिए, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि मेरठ के नए पुलिस कप्तान से उम्मीद है कि वह मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। इससे आम जनता का पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत होगा।
न्याय नहीं मिला तो आंदोलन की चेतावनी
शैंकी वर्मा ने कहा कि यदि पीड़ित को न्याय नहीं मिला और जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो मेरठ व्यापार मंडल लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर भूख हड़ताल का रास्ता भी अपनाया जा सकता है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाए और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।