जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया
मेरठ। शास्त्री नगर की रहने वाली राधा गुप्ता, पत्नी अनिल गुप्ता, ने सोमवार को मेरठ जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आवास विकास विभाग की सेटबैक नीति पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 30 से 35 साल पुराने मकानों पर अब सेटबैक लागू करना न केवल अनुचित है, बल्कि हजारों परिवारों के आशियानों पर संकट खड़ा करने जैसा है।
दो महीने से जारी है महिलाओं का आंदोलन
इस मुद्दे को लेकर शास्त्री नगर की महिलाएं पिछले करीब दो महीनों से लगातार धरने पर बैठी हैं। भीषण गर्मी, तेज धूप, आंधी और तूफान के बावजूद उनका विरोध जारी है। महिलाओं का कहना है कि जिन मकानों में वे दशकों से रह रही हैं, उन्हें अब नियमों के नाम पर तोड़ने की तैयारी की जा रही है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
सीएम योगी को भेजा गया ज्ञापन
महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी मेरठ के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में मांग की गई कि पुराने मकानों पर सेटबैक की शर्त लागू न की जाए और आवास विकास की कथित गलत नीतियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
‘व्यापार खत्म हो गए, अब घर न टूटें’
राधा गुप्ता ने कहा, “महामारी और आर्थिक संकट के कारण हमारा व्यापार पहले ही खत्म हो चुका है। अब अगर हमारे घर भी तोड़े गए तो हम सड़क पर आ जाएंगे।” उन्होंने मुख्यमंत्री से मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करने और प्रभावित परिवारों को राहत देने की अपील की।
स्थानीय लोगों में बढ़ रहा आक्रोश
इस मामले को लेकर शास्त्री नगर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों में भारी नाराजगी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आवास विकास विभाग को दशकों पुराने निर्माणों पर अचानक कार्रवाई करने के बजाय व्यावहारिक और जनहितकारी समाधान निकालना चाहिए।
प्रशासन से उम्मीद
महिलाओं ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले का संज्ञान लेकर पुराने मकानों को राहत देंगे और आवास विकास विभाग की नीति की समीक्षा कराएंगे।